भारत की उन सभी घटनाक्रमों पर नजर है जो उसकी सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को यह टिप्पणी पाकिस्तान में मौजूदा राजनीतिक स्थिति के बारे में पूछे जाने पर की। उन्होंने कहा कि दुनिया और पड़ोसी देशों में किसी भी हालात या घटनाक्रम में भारत उन स्थितियों पर पैनी नजर रखता है, जो देश की सुरक्षा, खास कर सीमावर्ती राज्यों को प्रभावित कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय का यह बयान तब आया है जब पड़ोसी देश सालभर के अंतराल में एक बार फिर राजनीतिक और सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है। चीन के साथ भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) से संबंधित एक अन्य सवाल पर बागची ने कहा कि दोनों पक्षों में कमांडर-स्तरीय वार्ता के अगले दौर को जल्द से जल्द आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
अमेरिकी राजदूत का किया स्वागत
इस दौरान उन्होंने भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में एरिक गार्सेटी की नियुक्ति पर भी प्रतिक्रिया दी। बागची ने कहा कि हम भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में एरिक गार्सेटी का स्वागत करते हैं। हम अपने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।
मैकमोहन रेखा पर भी दी प्रतिक्रिया
प्रेस कांफ्रेस में चीन और अरुणाचल प्रदेश के बीच मैकमोहन रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता देने के लिए अमेरिकी सीनेट में प्रस्ताव पर विदेश मंत्रालय प्रवक्ता पर अरिंदम बागची ने कहा कि मैंने ऐसा कोई संकल्प नहीं देखा है। हालांकि उन्होंने यह कहा कि हमने इससे संबंधित कुछ रिपोर्ट देखी हैं। साथ ही हम इसके बारे में अधिक जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
खालिस्तानी समर्थकों द्वारा ब्रिस्बेन के भारतीय वाणिज्य दूतावास को बंद करने के लिए मजबूर करने की खबरों को विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वाणिज्य दूतावास को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। बाद में इस मुद्दे को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के सामने भी रखा गया था। अब उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। जब ऑस्ट्रेलियाई पीएम भारत में थे तब पीएम ने पहले ही ऐसे मुद्दों के बारे में बात की थी।
ईरान-सऊदी समझौते का भारत ने किया स्वागत
भारत ने सऊदी अरब और ईरान के बीच आपसी प्रतिद्वंद्विता भुलाकर राजनयिक संबंधों को पुनर्जीवित करने के लिए हुए समझौते का स्वागत किया है। इस समझौते में चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने मतभेदों को हल करने के लिए हमेशा बातचीत और कूटनीति की वकालत की है। ईरान और सऊदी अरब सात साल के तनाव के बाद पिछले शुक्रवार को राजनयिक संबंध बहाल करने और दूतावासों को फिर से खोलने पर सहमत हुए हैं। बागची ने कहा कि हमने इस संबंध में खबरें देखी हैं।
लंदन में राहुल गांधी की टिप्पणी पर कसा तंज
लंदन में राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर विदेश मंत्रालय ने भी तंज कसा है। मंत्रालय के प्रवक्ता बागची कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह विदेश नीति के तहत है, इस पर संसद में चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत के हितों को आगे बढ़ाने के लिए भारत के दृष्टिकोण और विदेश नीति को अन्य देशों के साथ साझा करने के लिए भारत सरकार के प्रयास हमेशा मौजूद हैं।