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Indo-Pak: भारत-पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची साझा की, MEA ने भारतीय कैदियों की रिहाई पर कही यह बात

Sun, 01 Jan 2023 04:58 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान से भारतीय कैदियों को रिहा करने के लिए कहा है। इनमें अधिकांश मछुआरे कैदी हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने 631 भारतीय मछुआरों और दो असैन्य कैदियों को रिहा करने और भारत भेजने के लिए कहा है।
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भारत-पाकिस्तान
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विस्तार
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भारत ने पाकिस्तान से 631 भारतीय मछुआरों और दो असैन्य कैदियों को रिहा करने तथा स्वदेश भेजने के लिए कहा है। विदेश मंत्रालय ने इसके बारे में जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिन मछुआरों को छोड़ने के लिए पाकिस्तान से आह्वान किया गया है उनमें वे मछुआरे शामिल हैं जो अपनी जेल की सजा पूरी कर चुके हैं। साथ ही जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि भी हो चुकी है। वहीं, दूसरी ओर रविवार को एक पूर्व समझौते के तहत भारत-पाकिस्तान ने अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची आपस में साझा की है। 

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भारतीय कैदियों को रिहा करने की मांग
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान से भारतीय कैदियों को रिहा करने के लिए कहा है। इनमें अधिकांश मछुआरे कैदी हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने 631 भारतीय मछुआरों और दो असैन्य कैदियों को रिहा करने और भारत भेजने के लिए कहा है। इसके अलावा दौ असैन्य कैदियों को भी रिहा करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत वाले 30 अन्य मछुआरे और 22 असैन्य कैदियों को तत्काल राजनयिक पहुंच प्रदान कराने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने इस बाबत एक बयान भी जारी किया है। 

बयान में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान ने रविवार को नयी दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक माध्यमों से अपनी हिरासत में मौजूद असैन्य कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया।
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परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का हुआ आदान-प्रदान 
साथ ही विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि रविवार को भारत-पाकिस्तान ने अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची आपस में साझा की है। ये कार्रवाई 32 साल पहले हुए एक द्विपक्षी. करार के तहत की गई। इस समझौते पर 31 दिसंबर, 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे और यह 27 जनवरी, 1991 से यह प्रभावी हो गया था। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों के एक-दूसरे के परमाणु संस्थानों पर हमला करने पर प्रतिबंध लगाया गया था।

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