अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और चीन को 'हेलहोल' यानी नरक का द्वार कहा था। इस पर विदेश मंत्रालय ने पहले बेहद संक्षिप्त जवाब दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं और हम इस मामले को यहीं छोड़ते हैं।' हालांकि, अब इस मामले पर भारत की ओर से सख्त प्रतिक्रिया दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारत ने दो टूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिकी दूतावास की टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अस्वीकार्य थीं।
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विदेश मंत्रालय की ओर से डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी और अमेरिकी दूतावास के बयानों को तथ्यों और वास्तविकता से परे बताया गया। इसी के साथ विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसी बातें अस्वीकार्य हैं।
टिप्पणियों पर और क्या बोला विदेश मंत्रालय?
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि ये टिप्पणियां भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को बिल्कुल भी प्रतिबिंबित नहीं करती हैं, जो "लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित" रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने साधा निशाना
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर देश में सियासी भूचाल आ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जिस डोनाल्ड ट्रंप के लिए पीएम मोदी ने नमस्ते ट्रंप जैसे भव्य कार्यक्रम किए, वही आज भारत को गाली दे रहे हैं। खरगे ने तंज कसते हुए पूछा, 'पीएम मोदी, आपके प्रिय मित्र ने भारत के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, लेकिन आप पूरी तरह मौन हैं। आखिर आप किस बात से डरे हुए हैं?'
खरगे ने दावा किया कि अमेरिका की तरक्की में भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में भारत सरकार की ओर से इस अपमानजनक टिप्पणी का जवाब नहीं देना समझ से परे है। गौरतलब है कि पहले विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर एक संक्षिप्त टिप्पणी की थी।
सरकार के इस जवाब पर नाराजगी जाहिर करते हुए खरगे ने कहा कि भारत के 140 करोड़ लोगों के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई गई है, लेकिन विदेश मंत्रालय इसे टालने की कोशिश कर रहा है।