बीते दिनों चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए उल्लेख को भारतीय विदेश मंत्रालय ने सख्ती के साथ खारिज किया है।
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि छह फरवरी को चीन और पाकिस्तान की ओर से संयुक्त रूप से जारी बयान में हमने जम्मू-कश्मीर और कथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) को लेकर किए गए उल्लेख का संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
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मंत्रालय ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष उन मामलों में दखल नहीं देंगे जो भारत के आंतरिक मसले हैं। सीपीईसी की बात करें तो हम उन परियोजनाओं को लेकर लगातार चीन और पाकिस्तान को अपनी चिंताओं से अवगत कराते रहे हैं। जो भारत के क्षेत्र में हैं और जिन पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।