कैलाश मानसरोवर यात्रा और चीन से सीधी हवाई सेवा
इस दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम जल्द ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जनता के लिए एक नोटिस जारी करेंगे। यात्रा जल्द ही फिर से शुरू होने की संभावना है।' वहीं भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाओं पर रणधीर जायसवाल ने कहा, 'सैद्धांतिक रूप से, दोनों देश इस बात पर सहमत हो गए हैं कि उड़ान संचालन फिर से शुरू होगा। दोनों पक्षों की तकनीकी टीमें उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं पर विचार कर रही हैं। दोनों नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों की बैठक हुई है और वे अद्यतन रूपरेखा सहित प्रासंगिक तौर-तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।'
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वक्फ विधेयक भारत का आंतरिक मामला- MEA
वक्फ संशोधन अधिनियम पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'वक्फ विधेयक के सभी तत्व भारत का आंतरिक मामला हैं। और आप जानते हैं कि वक्फ संशोधन विधेयक में कई समावेशी नीतियों का प्रस्ताव है, ताकि संशोधन विधेयक को अधिक समावेशी, अधिक प्रगतिशील बनाया जा सके और लक्षित लाभार्थियों को अधिक लाभ मिल सके'।
'अमेरिका में उच्चायोग वीजा संबंधी समस्याओं क सामना कर रहे छात्रों के संपर्क में हैं'
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका में भारतीय मिशन वीजा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे भारतीय छात्रों के संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हमें पता है कि कई भारतीय छात्रों को उनके छात्र वीजा (एफ-1) की स्थिति के बारे में अमेरिकी सरकार से जानकारी मिली है। उन्होंने कहा, हम मामले की जांच कर रहे हैं। हमारे दूतावास और वाणिज्य दूतावास छात्रों को सहायता प्रदान करने के लिए उनके संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ट्रंप प्रशासन की तरफ से कई भारतीय छात्रों को उनके वीजा निरस्तीकरण की संभावना के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
क्वाड का भविष्य उज्ज्वल है- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने अपने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, 'क्वाड का भविष्य उज्ज्वल है और क्वाड शिखर सम्मेलन की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस दौरान अमेरिका-ईरान वार्ता पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम अमेरिका-ईरान वार्ता को सकारात्मक विकास के रूप में देखते हैं। हम हमेशा ऐसे मुद्दों पर बातचीत और कूटनीति के पक्ष में रहे हैं'।
'बांग्लादेश के साथ सकारात्मक संबंध की उम्मीद'
इस दौरान भारत और बांग्लादेश संबंधों पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि, 'भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाने की उम्मीद करता है। हम एक लोकतांत्रिक, समावेशी बांग्लादेश के पक्ष में हैं। जहां तक व्यापार मुद्दों का सवाल है, पिछले हफ्ते हमने ट्रांसशिपमेंट सुविधा के बारे में घोषणा की थी।'
बांग्लादेश के कुछ कदमों के कारण भारत ने वापस ली ट्रांसशिपमेंट सुविधा: विदेश मंत्रालय
बांग्लादेश की ओर से तीसरे देशों को निर्यात के लिए दी जाने वाली ट्रांसशिपमेंट सुविधा को वापस लेने का निर्णय ढाका के कुछ कदमों के जवाब में लिया गया है। इसके चलते द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की ओर से भारतीय सूत के आयात पर रोक और तीन बंदरगाहों को बंद करने के फैसले ने भारत को इस कदम के लिए मजबूर किया।
जायसवाल ने कहा, हम एक लोकतांत्रिक, समावेशी और समृद्ध बांग्लादेश के पक्षधर हैं। ट्रांसशिपमेंट सुविधा को लेकर पिछले सप्ताह हमने घोषणा की थी। यह कदम हमारे बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर भीड़ के कारण उठाया गया, लेकिन मैं आपको बांग्लादेश की ओर से हुए घटनाक्रमों पर भी ध्यान देने की सलाह दूंगा। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भारत ने बांग्लादेश को मध्य पूर्व, यूरोप और अन्य देशों के लिए अपने बंदरगाहों और हवाई अड्डों के माध्यम से दी जाने वाली ट्रांसशिपमेंट सुविधा वापस लेने की घोषणा की थी। भारत ने नेपाल और भूटान को बांग्लादेशी निर्यात को छूट दी है, क्योंकि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के प्रावधानों के तहत भू-आबद्ध देशों के लिए व्यापार सुविधा अनिवार्य है। भारत और बांग्लादेश ने 2020 में व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था शुरू की थी।