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बांग्लादेश हिंसा पर भारत की दो टूक: विदेश मंत्रालय ने कहा- अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न निंदनीय, खतरे में सुरक्षा

Fri, 09 Jan 2026 04:21 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। इसके अलावा, मंत्रालय ने शक्सगाम घाटी में चीनी विकास गतिविधियों, ताइवान के पास सैन्य अभ्यास, रूसी तेल की खरीद और अमेरिकी संसद में पेश किए जा रहे विधेयक पर अपनी राय रखी।  
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रणधीर जायसावल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता - फोटो : PTI
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विस्तार
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर चिंता जताई। जायसवाल ने कहा, हम लगातार देख रहे हैं कि चरमपंथियों की ओर से अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। यह चिंताजनक सिलसिला है। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तत्काल और सख्ती से निपटना जरूरी है। ऐसी घटनाओं को व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति चिंताजनक है। इस तरह की अनदेखी अपराधियों को और भी बेखौफ बनाती है और अल्पसंख्यकों के बीच खौफ और असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है।
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अमेरिकी संसद में पेश विधेयक पर भी प्रतिक्रिया दी
अमेरिकी संसद में रूसी तेल की खरीद को लेकर 500 फीसदी टैरिफ का प्रावधान करने वाले विधेयक को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम प्रस्तावित विधेयक से अवगत हैं। हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ऊर्जा स्रोतों के व्यापक मुद्दे पर हमारा रुख सर्वविदित है। इस प्रयास में हम वैश्विक बाजार की बदलती परिस्थितियों और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों दोनों से अवगत हैं कि इन्हें पूरा करने के लिए सस्ती ऊर्जा विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध हो।

रूसी तेल टैंकर मामले पर कही ये बात
जायसवाल ने कहा, भारत उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिका की ओर से जब्त किए गए रूसी झंडे वाले तेल टैंकर पर मौजूद भारतीय नागरिकों से जुड़ी खबर पर करीबी नजर रखे हुए है। शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, हम घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए हैं और टैंकर पर मौजूद भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा जब्त किए गए रूसी-ध्वज वाले तेल टैंकर के चालक दल में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें यूक्रेन, जॉर्जिया, भारत और रूस के नागरिक शामिल बताए गए हैं।
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भारत बहुपक्षवाद के समर्थन में, वैश्विक मुद्दों पर साझा कार्रवाई जरूरी
भारत ने बहुपक्षवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सभी देशों की परामर्श और सहयोग की कार्रवाई जरूरी है। यह प्रतिक्रिया अमेरिका द्वारा 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने की घोषणा के बाद आई है, जिनमें भारत-फ्रांस के नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन भी शामिल है।

जयसवाल ने कहा कि अमेरिका के अलग होने के फैसले के बावजूद भारत अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि 125 देशों वाले इस गठबंधन ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सहयोग मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जयसवाल ने जोर देकर कहा कि भारत बहुपक्षवाद में विश्वास करता है और मानता है कि जलवायु परिवर्तन सहित वैश्विक समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हटने का निर्णय लिया है।

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शक्सगाम घाटी में चीनी विकास गतिविधियों पर जताया विरोध
एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शक्सगाम घाटी में चीनी गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है और हमने शक्सगाम घाटी की जमीनी हकीकत को बदलने के प्रयासों के खिलाफ चीनी पक्ष के सामने लगातार विरोध जताया है। 

ताइवान के पास चीनी सैन्य अभ्यास को लेकर क्या कहा?
ताइवान के पास चीनी सैन्य अभ्यास को लेकर जायसवाल ने कहा, भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर गहरी नजर रख रहा है। भारत की रुचि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में है, क्योंकि हमारे व्यापारिक, आर्थिक और समुद्री हित महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, भारत सभी संबंधित पक्षों से संयंम बरतने, एकतरफा कार्रवाई से बचने और बल या धमकी के बिना सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का आग्रह करता है। 
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12-13 जनवरी को भारत दौरे पर आएंगे जर्मन चांसलर
उन्होंने यह भी बताया कि जर्मनी के चांसल फ्रेडरिक मर्ज 12 और 13 जनवरी को भारत के दौरे पर आएंगे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। 

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