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MEA: साउथ ब्लॉक पहुंचे कई देशों के राजदूत, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने दी पहलगाम आतंकी हमले की जानकारी

Thu, 24 Apr 2025 04:46 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

MEA: जर्मनी, जापान, पोलैंड, ब्रिटेन और रूस समेत कई देशों के राजदूत विदेश मंत्रालय के साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने चुनिंदा देशों के राजदूतों को पहलगाम हमले के बारे में जानकारी दी।
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विदेश मंत्रालय के साउथ ब्लॉक पहुंचे कई देशों के राजदूत - फोटो : एएनआई
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जर्मनी, जापान, पोलैंड, ब्रिटेन और रूस समेत कई देशों के राजदूत विदेश मंत्रालय के साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने चुनिंदा देशों के राजदूतों को पहलगाम हमले के बारे में जानकारी दी।

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विदेश मंत्रालय ने जी20 देशों के चुनिंदा राजदूतों को पहलगाम आतंकी हमले के बारे में जानकारी दी, जिनमें चीन और कनाडा भी शामिल हैं। यह बैठक करीब 30 मिनट तक चली।
 

इससे पहले बुधवार की आधी रात विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक साद अहमद को भी तलब किया। भारत सरकार ने साद को औपचारिक 'पर्सोना नॉन ग्राटा' नोट सौंपा। पर्सोना नॉन ग्राटा का सीधा मतलब यह होता है कि किसी राजनयिक या विदेशी व्यक्ति को किसी विशेष देश में प्रवेश या रहने से मना करना। भारत ने पाकिस्तान के सैन्य राजनयिकों के लिए ये नोट थमाया है। इसके बाद उन्हें एक हफ्ते के भीतर भारत छोड़ना होगा। 
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ये भी पढ़ें: MEA की चेतावनी: वीजा अवधि खत्म होने से पहले भारत छोड़ें पाकिस्तानी, 29 अप्रैल से मेडिकल वीजा भी मान्य नहीं

आतंकी हमले के बाद सीसीएस की बैठक में कई बड़े फैसले
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की मौत हो गई। जिसके एक दिन बाद बुधवार को सीसीएस की बैठक में कई फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह आपात बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। इस बैठक में आतंकवादी हमले को गंभीरता से लिया गया और कई बड़े फैसले लिए गए। 

विदेश सचिव में बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सीसीएस ने फैसला किया है कि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात रक्षा, नौसेना और वायु सेना सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्राटा (अवांछित) घोषित किया गया है। उन्हें एक हफ्ते के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से भारत अपने सैन्य सलाहकारों को भी वापस बुलाएगा। 
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सरकार ने अटारी चेक पोस्ट को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया। जो लोग वैध दस्तावेज के साथ पहले से ही इस मार्ग से भारत में प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें 1 मई 2025 तक उसी मार्ग से लौटने को कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला लिया है। भारत ने यह भी घोषणा की कि पाकिस्तान के नागरिकों को अब सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। पहले से जारी ऐसे सभी वीजा अब अमान्य माने जाएंगे और इस वीजा के तहत भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकं को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। 

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