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MEA: 'निमंत्रण तो रिश्तों पर निर्भर करता है ना...', सरकार की पाकिस्तान को खरी-खरी; अमेरिका-चीन पर कही यह बात

Fri, 21 Mar 2025 05:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पाकिस्तान पर रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, '...दुनिया स्पष्ट रूप से जानती है कि असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना है। वास्तव में यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।'
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रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता - फोटो : ANI
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विस्तार
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विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बार फिर पाकिस्तान को जमकर खरी-खोटी सुनाई। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मंत्रालय ने पड़ोसी मुल्क को उसका असली चेहरा भी दिखाया। इस दौरान चीन, अमेरिका और रूस-यूक्रेन जंग पर भी सवालों के जवाब दिए। जब विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर पाकिस्तान उच्चायोग में आयोजित इफ्तार रात्रिभोज में किसी भारतीय सरकारी अधिकारी को आमंत्रित किया गया था? तो उन्होंने कहा कि निमंत्रण तो रिश्तों पर निर्भर करता है ना...।

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यह भी पढ़ें- अमेरिका में बंद होगा शिक्षा मंत्रालय: ट्रंप के फैसले के बाद कैसे चलेंगे शिक्षण संस्थान, कौन उठाएगा खर्च? जानें

पाकिस्तान पर रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, '...दुनिया स्पष्ट रूप से जानती है कि असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना है। वास्तव में यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।' अमेरिका पर बात करते हुए विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं। दोनों सरकारें BTA के लिए एक रूपरेखा बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जिसका उद्देश्य व्यापार का विस्तार करना, बाजार पहुंच को बढ़ाना, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करना होगा। भारत सरकार पारस्परिक रूप से लाभकारी बहुक्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए विभिन्न स्तरों पर अमेरिकी प्रशासन के साथ संपर्क में है।
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भारत-कनाडा संबंधों पर क्या बोले?
भारत-कनाडा संबंधों पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत-कनाडा संबंधों में गिरावट का कारण वहां चरमपंथी और अलगाववादी तत्वों को दी गई छूट है। हमारी उम्मीद है कि हम आपसी विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को फिर से स्थापित कर सकेंगे। 

रंजनी श्रीनिवासन के बारे में भी दी जानकारी
अमेरिका से खुद को डिपोर्ट करने वाली रंजनी श्रीनिवासन के बारे में विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि उन्होंने किसी मदद के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास या हमारे दूतावास से संपर्क किया है। हमें उनके अमेरिका से जाने के बारे में केवल मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से पता चला और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से हम समझते हैं कि वह कनाडा चली गई हैं।'

'बातचीत और संवाद चल रहे, वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे'
भारत-चीन वार्ता पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कजान में बैठक हुई थी। तब से हमारे पास विदेश मंत्री, एनएसए के स्तर पर बातचीत होती रही है। विदेश सचिव भी जनवरी में चीन गए थे, जहां उन्होंने अपने समकक्ष से मुलाकात की थी। बातचीत और संवाद चल रहे हैं और वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी दिया अपडेट
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जायसवाल ने कहा, 'इस बात पर सहमति बनी है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 में शुरू होगी, लेकिन यात्रा कैसे शुरू होगी और अन्य बातचीत अभी भी चल रही है।

पेरू के साथ एफटीए पर भी दी जानकारी
पेरू के साथ एफटीए पर उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि ये 2017 में वार्ता शुरू की गई थी और तब से हमने 7 दौर की वार्ता की है। दोनों पक्ष संपर्क में हैं और 8वें दौर की वार्ता भी होगी।

महिला अधिकारों के मुद्दे पर कही यह बात
महिला अधिकारों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब ऐसे मुद्दों की बात आती है तो हमारी स्थिति बहुत अच्छी तरह से जानी जाती है...।

'यूक्रेन-रूस संघर्ष पर हमारी स्थिति अच्छी तरह से जानी जाती है'
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यूक्रेन-रूस संघर्ष पर हमारी स्थिति अच्छी तरह से जानी जाती है और समझी भी जाती है। हमने हमेशा संघर्ष के स्थायी समाधान पर पहुंचने या खोजने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया है। हमनें इन्हीं दोनों माध्यमों से दोनों पक्षों और अन्य हितधारकों के बीच ईमानदार और व्यावहारिक संबंध की वकालत की है। संघर्ष के दोनों पक्षों के साथ-साथ अन्य हितधारकों के साथ हमारी बातचीत इस बड़े दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए हुई है।
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क्या बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मिलेंगे मोदी?
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मिलेंगे? विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस समय मेरे पास साझा करने के लिए कोई अपडेट नहीं है।

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