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MEA: पश्चिम एशिया संकट के बीच 2.6 लाख भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी, सरकार अलर्ट; लगातार हो रही निगरानी

Wed, 18 Mar 2026 06:11 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच 28 फरवरी से अब तक करीब 2.6 लाख भारतीय वापस लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि फ्लाइट सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं और दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। छात्रों की परीक्षाएं भी प्रभावित हुई हैं। भारत कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय है।
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रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर कदम उठाए हैं। सरकार ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक करीब 2.6 लाख यात्री उस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया जारी है।
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सरकार ने साफ किया है कि फ्लाइट सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं और स्थिति पहले से बेहतर है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूएई से भारत के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित हो रही हैं। साथ ही भारतीय दूतावास जरूरतमंद लोगों, खासकर छात्रों की मदद कर रहा है और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रहा है।

क्या है फ्लाइट और निकासी की स्थिति?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूएई के विभिन्न एयरपोर्ट से रोजाना बड़ी संख्या में फ्लाइट्स भारत आ रही हैं। 17 मार्च को करीब 70 उड़ानें संचालित हुईं और बुधवार को भी इतनी ही उड़ानों की उम्मीद जताई गई है। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जबकि कुवैत में एयरस्पेस बंद है। वहां से विशेष उड़ानों की योजना बनाई जा रही है।
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क्या भारतीयों को मिल रही है मदद?
सरकार ने बताया कि विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। फंसे हुए भारतीय नागरिकों, नाविकों और अल्पकालिक यात्रियों को वीजा, काउंसलर सेवा और यात्रा से जुड़ी मदद दी जा रही है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने कई छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

छात्रों और परीक्षाओं पर क्या असर पड़ा?
पश्चिम एशिया में हालात के कारण छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा आईसीएसई और केरल बोर्ड की परीक्षाएं भी प्रभावित हुई हैं। अब बोर्ड आगे की प्रक्रिया तय करेंगे।
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क्या भारत ने कूटनीतिक स्तर पर कदम उठाए?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से बात कर हालात पर चर्चा की है। भारत ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने पर जोर दिया है।

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