फिक्शन और नॉन फिक्शन किताबें लिखी
अकबर ने बहुत सी नॉन फिक्शन किताबें लिखी हैं जिसमें जवाहर लाल नेहरू की जीवनी- नेहरू: द मेकिंग ऑफ इंडिया, कश्मीर पर लिखी किताब- कश्मीर बिहाइंड द वेल, रायट आफ्टर रायट एंड इंडिया: द सीज विदीन शामिल हैं। उन्होंने शेड्स ऑफ स्वोर्ड्स, ए हिस्ट्री ऑफ जिहाद किताबें लिखी हैं।
उन्होंने फिक्शन किताब जैसे ब्लड ब्रदर्स-ए फैमिली सागा (इटली के लेखक की किताब फ्राटेली डी सांग्यू का अनुवाद) लिखा है। उन्होंने यात्रा संस्करण हैव पेन, विल ट्रैवल: ऑब्जरवेशन ऑफ ए ग्लोबट्रोटर लिखे हैं। उनकी एक किताब बायलाइन नाम से है जिसमें उनके द्वारा अपने नाम से लिखे लेखों को जमा किया गया है। जनवरी 2012 को आई उनकी किताब टिंडरबॉक्स: द पास्ट एंड फ्यूचर ऑफ पाकिस्तान में पहचान का संकट और वर्ग संघर्ष को लेकर बातचीत शुरू करने का काम किया था।
महिला पत्रकारों ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप
बता दें कि एमजे अकबर पर पिछले दिनों मी टू अभियान के तहत कुछ
महिला पत्रकारों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। महिलाओं का आरोप है कि विभिन्न संस्थानों में संपादक रहते हुए उन्होंने उनका शोषण किया था। जिन महिलाओं ने उनपर आरोप लगाए हैं उनमें प्रिया रमानी और प्रेरणा सिंह बिंद्रा शामिल हैं। रमानी का कहना है कि अकबर ने होटल के एक कमरे में इंटरव्यू के दौरान कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें की हैं।
वहीं बिंद्रा का कहना है कि उनके साथ हुई घटना 17 साल पुरानी है। अकबर उनसे अश्लील टिप्पणियां किया करते थे और उनका जीना मुश्किल कर दिया था। वह इतने सालों तक इसलिए चुप रहीं क्योंकि उनके पास सबूत नहीं थे।