राज्यसभा चुनाव में तमिलनाडु से उम्मीदवार एमडीएमके प्रमुख वायको शुक्रवार को देशद्रोह के मामले में दोषी करार दिए गए। 2009 के इस मामले में विशेष कोर्ट के जज जे शांति ने वायको को एक साल की साधारण जेल की सजा सुनाई है।
वायको पर आरोप है कि उन्होंने सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने वाला भाषण दिया था। कोर्ट ने वायको को सजा के खिलाफ अपील करने के लिए एक माह का वक्त दिया है। डीएमके ने अपने सहयोगी एमडीएमके को राज्यसभा चुनाव में एक सीट दी है।
वायको ने 15 जुलाई 2009 को अपनी किताब ‘आई अक्यूज’ के तमिल संस्करण के विमोचन समारोह में श्रीलंका के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला था जिसे कारण उन पर देशद्रोह का मामला बना था।
वायको ने सजा सुनाए जाने पर कहा कि अगर तमिल लोगों की हत्या पर बोलने में सजा होती है तो वह ऐसी सजा का स्वागत करते हैं और एक साल की सजा को स्वीकार करते हैं। वायको के मुताबिक, इस किताब में उनके द्वारा तमिल लोगों के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्रों का संकलन है।