कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच घमासान तेज हो गया है। राहुल गांधी के बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी पर तंज कसा। कहा कि हम वो पार्टी नहीं हैं जिसका नेता प्रधानमंत्री को संसद में जबरन गले लगाता है और न ही हमारा पूरी दुनिया में मजाक उड़ाया जाता है।
इसके पहले राहुल गांधी ने बसपा से गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया था। कहा था, 'हमने मायावती जी को विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन का ऑफर दिया था। कहा था कि साथ मिलकर लड़ते हैं और आप मुख्यमंत्री बन जाइएगा। लेकिन उन्होंने बात तक नहीं की।'
राहुल ने मायावती पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से डरने का आरोप लगाया। कहा, इसके दबाव के चलते मायावती ने दलितों की आवाज के लिए लड़ाई नहीं लड़ी। भाजपा को खुला रास्ता दे दिया। खैर, मायावती और राहुल गांधी के इन बयानों ने सियासी गलियारे में हलचल पैदा कर दी है।
सवाल उठ रहा है कि आखिर ऑफर के बाद भी बसपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन क्यों नहीं किया? अगर दोनों पार्टियों में गठबंधन होता तो क्या इसका फायदा बसपा और कांग्रेस को मिल सकता था?
आइए जानते हैं...