बसपा प्रमुख मायावती ने विधानसभा चुनावों के बाद 2019 में लोकसभा चुनाव भी अपने दम पर लड़ने के संकेत दिये हैं। उन्होंने कहा कि तीनों राज्यों के लिए बसपा ने केवल सम्मानजनक सीटों की शर्त रखी थी। इसका मतलब यह नहीं कि सीटों के लिए भीख मांगेंगे। कांशीराम की 105वीं पुण्यतिथि के मौके पर मायावती ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा।
मायावती ने कहा कांशीराम ने सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के नारे के तहत बामसेफ बीएस-4 और बसपा मूवमेंट को स्थापित किया था। उनके सपनों का भारत बनाने के लिए पार्टी को भाजपा जैसे सांप्रदायिक दलों से मोर्चा लेना होगा।
उन्होंने कहा कि बसपा भाजपा और कांग्रेस की हर प्रताड़ना सहेगी, लेकिन उनके कुप्रयासों के चलते दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और किसानों के आत्मसम्मान से समझौता नहीं होने देगी।
मायावती ने कांग्रेस और भाजपा को सच्चे लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा दोनों ही दल देश में बंटवारे की राजनीति करती रही हैं।
उन्होंने साफ कहा कि यदि बसपा के सम्मान के हिसाब से गठबंधन नहीं होता, तो उन्होंने कार्यकर्ताओं से अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है।