उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के मुद्दे पर कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस सदस्यों ने सदन के केंद्र में आकर सरकार के विरोध में नारे लगाए। उप सभापति की अपील का कांग्रेसी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ। नतीजतन सदन बार-बार स्थगित होता रहा।
कांग्रेस के आनंद शर्मा और प्रमोद तिवारी ने उत्तराखंड मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन का नोटिस दिया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उत्तराखंड में विधानसभा में पीठासीन पदाधिकारी ( स्पीकर ) ने अल्पमत को बहुमत और बहुमत को अल्पमत बनाया। कुल 67 विधायकों में से 35 ने लिखित रूप से कहा कि उन्होंने विधेयक के विरोध में मतदान किया है लेकिन विधेयक पारित कर दिया गया। सही मायने में पीठासीन पदाधिकारी का वह निर्णय ही लोकतंत्र की हत्या थी।
जेटली के बयान के बाद उत्तेजित कांग्रेस सदस्य वेल में आकर नारे लगाने लगे। उपसभापति पी जे कुरियन ने पहले सदन को 12 बजे दिन तक के लिए स्थगित किया और बाद में हंगामा के बाद बार-बार सदन को स्थगन किया गया। सभापति हमीद अंसारी ने प्रश्नकाल शुरू कराया लेकिन इस दौरान भी कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा। कांग्रेस सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड में चुनी हुई सरकार को हटाने की साजिश रचकर लोकतंत्र की हत्या की गई। बसपा की मायावती ने कहा कि कांग्रेस भी जब सत्ता में होती है तो धारा 356 का गलत इस्तेमाल कर राज्य सरकारों पर कार्रवाई करती है। अब यही काम भाजपा सरकार भी कर रही है। केंद्र धारा 356 का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करती रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की।
सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि पहले भी वैसे मुद्दों पर चर्चा होती रही है जो अदालत में लंबित रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन पर चर्चा की मांग की। संसदीय राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस सदन का कामकाज बाधित करती रही है। वह चर्चा के बजाय सदन की कार्यवाही को बाधित करने पर जोर देती रही है।
वाद-विवाद
आजाद भारत के इतिहास में यह कभी नहीं हुआ होगा कि जब विधानसभा के पीठासीन अधिकारी ने बहुमत को अल्पमत और अल्पमत को बहुमत में बदल दिया हो। - अरूण्ा जेटली , भाजपा
उत्तराखंड में केंद्र सरकार ने जोे किया है, उससे वह नियमों की आड़ लेकर नहीं बच सकती । - आनंद शर्मा, कांग्रेस
कांग्रेस उत्तराखंड मामले में सचमुच में बहस करना चाहती है या फिर वह सिर्फ सदन की कार्यवाही ठप करना चाहती है। - मुख्तार अब्बास नकवी , भाजपा
जेटली हमेशा कहते रहे हैं कि स्पीकर का फैसला आखिरी होता है फिर वह कैसे उत्तराखंड विधानसभा स्पीकर के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। - गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस