आदिवासी बहुल जिला झारग्राम में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि केंद्र को राज्य का बकाया चुकाना चाहिए या सत्ता छोड़ देनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र मनरेगा के तहत फंड को जारी नहीं कर रहा है।
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र को चेतावनी लहजे में मंगलवार को कहा, अगर केंद्र ने राज्य का बकाया नहीं चुकाया तो हम भी जीएसटी का भुगतान रोक सकते हैं। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर ममता ने कहा, केंद्र को या तो राज्यों का बकाया चुकाना चाहिए या सत्ता छोड़ देनी चाहिए। केंद्र पर मनरेगा की राशि जारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए आदिवासियों से सड़कों पर उतर विरोध करने का आह्वान किया। अपने वित्तीय बकाया के भुगतान के लिए क्या हमे केंद्र के सामने भीख मांगनी पड़ेगी।
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कार्यक्रम के बाद ममता बनर्जी बेलपहाड़ी इलाके में पहुंची और गांव की आदिवासी महिलाओं से मिलीं। आदिवासी महिलाओं ने मुख्यमंत्री से शिकायत की कि उन लोगों को दो किलोमीटर दूर से पैदल चलकर पीने का पानी लाना पड़ता है। उनके इलाके में पेयजल की भीषण समस्या है। इसके साथ ही महिलाओं ने कहा कि सरकारी योजना के घर नहीं मिल रहे हैं। इसके बाद ममता ने इसके लिए केंद्र को दोषी ठहराया। उन्होंने साथ ही आश्वस्त किया कि सभी घरों में साल 2024 तक पीने के पानी की व्यवस्था हो जाएगी।
चाय की दुकान पर अचानक रोकी कार, बच्चों में बांटीं टॉफी
झारग्राम में सभा के बाद ममता सर्किट हाउस जाते समय सड़क के किनारे एक चाय-नाश्ते की दुकान पर अचानक रुकीं। यहां उन्होंने दुकानदार के साथ मिलकर चप बनाया और वहां मौजूद लोगों में इसे बांटी। इस दौरान ममता ने बच्चों में टॉफी भी बांटी।