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भविष्य की बागडोर संभाल सकती है कांग्रेस की ये युवा शक्ति, देखिए राहुल की सेना

Sun, 18 Mar 2018 04:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कांग्रेस अधिवेशन में जो संकल्प लिए गए वो तो दूर की कौड़ी है। लेकिन अभी एक तस्वीर ये बताने के लिए काफी है कि भविष्य में कांग्रेस की कमान किन हाथों में होगी। मोदी के समय से थोड़ा आगे जाकर अगर ये उम्मीद की जाए कि देश का नेतृत्व कांग्रेस के हाथों में होगा तो तस्वीर देख लीजिए शायद यही देश का नेतृत्व करें। शायद इसलिए कि सियासी दांव-पेंच में कौन कब किसका हो जाए कहना मुश्किल है। 
 

पार्टी के तौर-तरीके युवा अध्यक्ष राहुल गांधी को तय करने है। राहुल भी युवा शक्ति पर भरोसा करने वाले हैं। इसीलिए ये तस्वीर खास हो जाती है। क्योंकि तस्वीर में जो नेता हैं उन्हीं की युवा शक्ति पर राहुल को अभिमान है।


 
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ज्योतिरादित्य सिंधिया

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ज्योतिरादित्य सिंधिया - ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया 1 जनवरी, 1970 भारत सरकार की पंद्रहवीं लोकसभा के मंत्रिमंडल में वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री है। सिंधिया लोकसभा की मध्य प्रदेश स्थित गुना संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। ज्योतिरादित्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से सम्बन्ध रखते हैं।
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सचिन पायलट

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सचिन पायलट - लेफ्टिनेंट सचिन पायलट (जन्म 7 सितंबर 1977) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारत सरकार की पंद्रहवीं लोकसभा के मंत्रीमंडल में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री में मंत्री रहे हैं। ये चौदहवीं लोकसभा में राजस्थान के दौसा लोकसभा क्षेत्र का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधित्व करते हैं।

जितिन प्रसाद

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जितिन प्रसाद - सर्वप्रथम जितिन प्रसाद ने सन् 2001 में भारतीय युवा कांग्रेस में सचिव बने, सन् 2004 में अपने गृह लोकसभा सीट, शाहजहांपुर से 14वीं लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमायी और विजय भी प्राप्त हुई। पहली बार जितिन प्रसाद सन् 2008 में केन्द्रीय राज्य इस्पात मंत्री नियुक्त किया गया।
 
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मिलिंद देवड़ा

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मिलिंद देवड़ा - दक्षिण मुंबई के वर्तमान सासंद मिलिंद देवड़ा का जन्म 4 दिसंबर 1976 को मुंबई में हुआ। उनके पिता मुरली देवड़ा कांग्रेस के पूर्व राजनेता हैं और माता हेमा देवड़ा गृहिणी हैं। अपने पिता की तरह मिलिंद भी कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। 
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कैसे जीतेंगे दिल?

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ये सभी डिजिटल मीडिया के जरिए भाजपा पर आक्रामक हैं। और यहीं से कांग्रेस अपनी बढ़त को भुनाना चाहती है। खुद राहुल गांधी का मानना है कि युवा शक्ति को धार देने के लिए ये चेहरे सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाएं। जमीनी कामकाज के बाद राजनीतिक पार्टी में सोशल मीडिया एक नया हथियार बना है। यही वजह है कि युवा शक्ति द्वारा भाजपा को मात देने की ठानी गई है। बता दें कि वैसे डिजिटल तकनीक में पहले मोदी ने अपना कद भुनाया तो अब कांग्रेस इससे कितना फायदा उठा पाती है, ये देखने वाली बात है। 
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