ये सभी डिजिटल मीडिया के जरिए भाजपा पर आक्रामक हैं। और यहीं से कांग्रेस अपनी बढ़त को भुनाना चाहती है। खुद राहुल गांधी का मानना है कि युवा शक्ति को धार देने के लिए ये चेहरे सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाएं। जमीनी कामकाज के बाद राजनीतिक पार्टी में सोशल मीडिया एक नया हथियार बना है। यही वजह है कि युवा शक्ति द्वारा भाजपा को मात देने की ठानी गई है। बता दें कि वैसे डिजिटल तकनीक में पहले मोदी ने अपना कद भुनाया तो अब कांग्रेस इससे कितना फायदा उठा पाती है, ये देखने वाली बात है।