मथुरा में अवैध कब्जाधारियों से जवाहरबाग खाली कराने को लेकर हुई हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव की मौत हो गयी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी जावीद अहमद ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने जानकारी दी की पुलिस को उसका शव घटनास्थल से मिला है।
गौरतलब है कि जवाहरबाग से बृहस्पतिवार को अवैध कब्जाधारियों को हटाने पहुंची पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग और बमबारी में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव की मौत हो गई। यूपी के डीजीपी जाविद अहमद ने बताया कि कुल 27 लोगों की मौत हुई है। इनमें आठ शव रात करीब डेढ़ बजे चलाए गए सर्च आपरेशन के दौरान मिले हैं। इन शवों में तीन महिलाओं के शव भी हैं, जिनकी जलने से मौत हुई है। करीब 300 एकड़ में फैले जवाहरबाग के भीतर कई और शव पड़े होने की आशंका है, सर्च अभियान रात दो बजे तक जारी था, कुछ और शव बरामद सकते हैं।
करीब 20 पुलिसकर्मी गोलीबारी और पथराव में घायल हुए हैं तो 30 कब्जाधारियों के भी घायल होने की सूचना है। इनमें तीन की हालत गंभीर है। सत्याग्रह के नाम पर जवाहर बाग पर यह लोग ढाई साल से कब्जा जमाए हुए थे। पुलिस ने दो सौ से ज्यादा कब्जाधारियों को गिरफ्तार भी किया है।
वहीं, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मारे गए एसओ संतोष कुमार के आश्रितों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की है। मार्च, 2014 से जवाहर बाग पर इन अवैध कब्जाधारियों ने कब्जा जमा रखा था। इन्हें हटाने के प्रयास तभी से हो रहे हैं लेकिन लगातार बढ़ रही भीड़ के आगे सारे प्रयास विफल रहे।