बिहार टॉपर्स घोटाले के मास्टरमाइंड बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी जद (यू) की पूर्व विधायक उषा सिन्हा को सोमवार की सुबह भेलूपुर के शिवाला क्षेत्र स्थित एक आश्रम के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
इन दोनों की बनारस में मदद करने के आरोप में महमूरगंज के शीलनगर निवासी प्रभात जायसवाल को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तारी घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के सहारे क्राइम ब्रांच की मदद से की। दोनों से पुलिस लाइन में घंटों पूछताछ के बाद ट्रांजिट रिमांड पर एसआईटी उन्हें पटना लेकर चली गई।
बिहार की इंटरमीडिएट परीक्षा में अनियमितताएं उजागर होते ही वहां की पुलिस ने लालकेश्वर प्रसाद सिंह और मामले की सह आरोपी उनकी पत्नी उषा सिन्हा के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट लिया गया था। इसके बाद से ही दोनों भूमिगत हो गए थे। इसी बीच एसआईटी को पता चला कि लालकेश्वर अपनी पत्नी के साथ वाराणसी में छिपे हुए हैं।
पिछले पांच दिन से एसआईटी शहर में डेरा डालकर लालकेश्वर की टोह ले रही थी। तफ्तीश में पता चला कि महमूरगंज निवासी प्रभात जायसवाल की मदद से लालकेश्वर शहर में एक हफ्ते से ठिकाने बदलकर पत्नी के साथ रह रहे हैं। सोमवार की सुबह भी लालकेश्वर अपनी पत्नी के साथ ठिकाना बदलने के लिए शिवाला स्थित एक आश्रम के पास कार से पहुंचे थे। तभी घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उषा सिन्हा को एसआइटी ने क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार किया है। दोनों की मदद करने के आरोप में शील नगर का प्रभात जायसवाल भी हिरासत में लिया गया है।