पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि वह इस कानून को राज्य में लागू नहीं करेंगी चाहें कुछ भी हो जाए। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने कहा कि भगवा दल, इसे लागू करने के लिए राज्यों पर किसी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता
सोनेवाल ने कहा कि कठोर कार्रवाई की जाएगी
असम के सीएम सर्बानंद सोनेवाल ने शुक्रवार को कहा कि हिंसा में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में तोड़फोड़ की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय लोगों के अधिकार संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने छात्रों के माता पिता से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को हिंसक आंदोलन में भाग लेने से रोकें।
नगालैंड में परचून दुकानों पर भीड़
नगालैंड के कोहिमा और दीमापुर में खाने पीने के सामान की दुकानों पर शुक्रवार को खासी भीड़ देखी गई। राज्य में हार्नबिल उत्सव के चलते इस ओर लोगों का ध्यान अधिक नहीं था पर अब यहां के लोगों को आशंका है कि असम के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए उनके यहां खाने पीने की सामग्री की आपूर्ति कम हो सकती है।
शिलांग में कर्फ्यू में ढील
मेघालय के शिलांग में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई। क्षेत्र में किसी प्रकार की अप्रिय घटना दर्ज नहीं होने को देखते हुए सुबह दस बजे से ये ढील दी गई। यहां बृहस्पतिवार रात कर्फ्यू लगाया गया था। यहां की नेशनल पीपुल्स पार्टी की नेता और तूरा सांसद अगाथा के संगमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि समूचा पूर्वोत्तर इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाए।
पुर्तगाली पासपोर्ट वाले गोवा के लोगों पर असर नहीं
गोवा में एनआरआई कमीशन ने स्पष्ट किया है कि गोवा के ऐसे निवासी जिनके पास पुर्तगाल का पासपोर्ट है उन पर इस कानून का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसे लेकर गोवा कांग्रेस ने राज्य सरकार से सवाल किया था। गौरतलब है कि कि गोवा और देश के कुछ अन्य इलाके लंबे समय तक पुर्तगाल के नियंत्रण में रहे थे।
शिवसेना ने कहा, ये कैसी सियासत
शिवसेना ने अपने मुखपत्र में केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि नए कानून से वह यह दिखाना चाहते हैं कि वे हिंदू को बचाने में अकेले ही हैं, ये किस तरह की राजनीति है। सरकार को हिंदुओं का ख्याल है तो फिर वह कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर घाटी क्यों नहीं भेज सकी है।
असम के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने कहा कि पूर्वोत्तर में इस समय हालात आपातकाल से भी खराब हैं। केंद्र सरकार को पूर्वोत्तर के लोगों की भावनाओं का बिल्कुल भी ख्याल नहीं है।
पूर्वोत्तर में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण: भूटिया
फुटबालर से राजनीतिज्ञ बने बाईचुंग भूटिया ने पूर्वोत्तर में हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कानून स्थानीय लोगों के लिए बड़ा खतरा है। हमारो सिक्किम पार्टी के संस्थापक भूटिया ने कहा कि हम यह बात लिखित में चाहते हैं कि सिक्किम को भी इस विधेयक के दायरे से बाहर रखा गया है।
ध्यान हटाने की राजनीति: कमलनाथ
एमपी के सीएम कमलनाथ ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह ध्यान हटाने की राजनीति कर रही है। यह सब देश की गिरती अर्थव्यवस्था से लोगों का ध्यान हटाने के लिए है। यह देश के युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वहीं भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मोहम्मद ने कहा है कि नागरिकता कानून और एनआरसी को खारिज कर दिया जाए।
मायावती: दुष्कर्म पर सख्त कानून बनाने में नहीं दिखी जल्दबाजी
बसपा प्रमुख और यूपी की पूर्व सीएम ने कहा है कि इस बिल को पास कराने हेतु केन्द्र ने जितनी जल्दबाजी दिखाई है यदि उतनी ही इनको देश में महिला उत्पीड़न व दुष्कर्म-मर्डर आदि पर अंकुश लगाने हेतु सख्त कानून बनाने पर भी दिखाई होती, तो यह बेहतर होता। इस संबंध में राज्यों को केवल पत्र लिखने की खानापूर्ति करने से इसका कोई सार्थक हल निकलने वाला नहीं है।
द्रमुक नेता हिरासत में
इस कानून के विरोध में चेन्नई में विरोध प्रदर्शन कर रहे द्रमुक युवा शाखा के नेता उदयनिधि स्टालिन और पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। ये लोग साइदापेट इलाके में रास्ता रोकने का प्रयास कर रहे थे। उदयनिधि द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन के पुत्र हैं।
रमेश चेन्निथला जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
केरल में विपक्षी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य में विपक्षी दल के नेता रमेश चेन्निथला लीग का सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि यह कानून संविधान का उल्लंघन है।
पूर्वोत्तर भारत में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे उपद्रव की आंच शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में भी दिखाई दी। कई जिलों में हजारों की संख्या में लोग उग्र अंदाज में सड़कों पर उतरे और विरोध जताया। हावड़ा जिले के उलूबेरिया में हावड़ा-खड़गपुर रेल सेक्शन पर उपद्रवियों के कब्जा होने से कई ट्रेनों को अपनी यात्रा बीच में ही विभिन्न स्टेशनों पर रोकनी पड़ी।
उलूबेरिया के रेलवे स्टेशन में भी तोड़फोड़ की गई है, जबकिे मुर्शिदाबाद के बेलडांगा रेलवे स्टेशन में भी आग लगाने के साथ रेलवे पुलिस के जवानों से जमकर मारपीट की गई है। उलूबेरिया में ही एनएच-6 पर भी दोपहर बाद हजारों उपद्रवियों ने टायर जलाकर डालते हुए कब्जा कर लिया। इससे कोलकाता का देश के अन्य हिस्सों से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
इस दौरान किसी भी स्थान पर कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लागू नहीं होने देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने अपने नेतृत्व में सोमवार को इसके खिलाफ कोलकाता में डा. बीआर अंबेडकर की मूर्ति तक टीएमसी कार्यकर्ताओं की रैली आयोजित करने की घोषणा की है।
फ्रांस ने बताया भारत का आंतरिक मामला
भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनाइन ने कहा, भारत में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर चल रही बहस से फ्रांस वाकिफ है। लेकिन हम नहीं सोचते की भारत के इस आंतरिक मामले में किसी अन्य देश की सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।
मालदीव के स्पीकर भी बोले, भारत का अपना मुद्दा
मालदीव की संसद के स्पीकर और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने शुक्रवार को कहा, नागरिकता संशोधन बिल भारत का आंतरिक मुद्दा है। ध्यान दीजिए कि यह देश (भारत) हमेशा से उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित स्वर्ग सरीखा रहा है। मुझे भारतीय लोकतंत्र में पूरा विश्वास है और इस प्रक्रिया से चाहे जो भी परिणाम निकलेगा, वह भारतीय लोगों के बहुमत की इच्छा होगी।
पाकिस्तान ने एक बार फिर भारतीय नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर झूठ फैलाने की कोशिश की। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के उस बयान की आलोचना की, जिसमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में ध्यान देने की ताकीद की गई थी।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा, हम रवीश कुमार के बयान को खारिज करते हैं। बहुत सारे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और यहां तक कि भारत में भी बहुत से निष्पक्ष निगरानीकर्ताओं ने इस कानून को असांविधानिक और मुस्लिमों के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया है।
नागरिकता संशोधन कानून की वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली याचिकाओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने बृहस्पतिवार को याचिका दी थी, जबकि शुक्रवार को याचिका देने वालों में टीएमसी की सांसद माजुआ मोइत्रा, कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, पीस पार्टी, रिहाई मंच एंड सिटीजंस अगेंस्ट हेट, एहतेशाम हाशमी, प्रद्युत देब बर्मन, जनअधिकार पार्टी के महासचिव फैजुद्दीन, बांग्लादेश में भारत के राजदूत रहे देब मुखर्जी, एडवोकेट एमएल शर्मा, सिंबोसिस लॉ स्कूल के छात्र और अखिल असम छात्र संघ (आसू) शामिल हैं।