कब आपकी एक कोशिश कईयों के जीवन में नया उजाला ला दे, इसकी एक बानगी देखने को मिलती है यूपी के एटा के भिड़इया उर्फ मधुवन गांव में। विद्युतीकरण के बाद 2005 में आंधी में तार टूटने के बाद विद्युत निगम अफसर तो छोड़ो सीएम और डीएम ने शिकायत का संज्ञान नहीं लिया। लेकिन अब पीएमओ के दखल पर ग्यारह साल बाद एक बार फिर बिजली से रौशन होगा। इसका श्रेय जाता है पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाली इसी गांव की छात्रा दीप्ति शर्मा को। दीप्ति शर्मा ने पीएमओ की वेबसाइट राइट टू द प्राइम मिनिस्टर पर शिकायत दर्ज कराई तो पीएमओ ने दो साल बाद मामला संज्ञान में लिया।
पीएमओ के संज्ञान लेते ही विद्युत निगम के अफसर जागे और 15 दिन में बजट आवंटित कराकर विद्युत लाइन बनाने का काम शुरू कर दिया। अब गांव में इसी सप्ताह बिजली आपूर्ति बहाल होने की संभावना है।
भिड़इया उर्फ मधुवन गांव निवासी दीप्ति शर्मा मास कम्यूनिकेशन छात्रा हैं और नोएडा में इंटर्नशिप कर रही हैं। वर्ष 2005 में जब दीप्ति कक्षा आठ में पढ़तीं थी तब गांव में विद्युतीकरण होने के बाद बिजली आई थी, लेकिन उसी साल जून में आई तेज आंधी में 11000 केवीए की तार टूटने से बिजली गुल हो गई।