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रक्षा मंत्री ने संसद को गुमराह किया?: वेणुगोपाल का लोकसभा अध्यक्ष को पत्र, छह सैनिकों के बलिदान पर क्या कहा

Tue, 30 Jun 2026 04:31 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है। उनका आरोप है कि रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी सैनिकों के बलिदान से इनकार कर संसद को गुमराह किया, जबकि बाद में छह जवानों के बलिदान की पुष्टि हुई। पढ़िए रिपोर्ट-
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कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने यको लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की। उनका आरोप है कि रक्षा मंत्री ने संसद को गुमराह करते हुए कहा था कि पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद किसी भी भारतीय सैनिक की शहादत नहीं हुई।
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केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?
वेणुगोपाल ने लोकसभा के नियम 223 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने सदन को गलत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारतीय सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

कांग्रेस नेता ने कहा कि बाद में सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों के छह जवानों का बलिदान हुआ था। उन्होंने कहा, इससे साफ है कि संसद में रक्षा मंत्री का बयान गलत और भ्रामक था। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री की ओर से सदन में गलत जानकारी देना या जानकारी छिपाना संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन और अवमानना माना जाता है। इसलिए रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार की कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए।
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सोशल मीडिया पोस्ट में वेणुगोपा ने क्या आरोप लगाए?
वेणुगोपाल संसद की लोक लेखा समिति (सार्वजनिक खाता समिति) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में हुई बहस के दौरान रक्षा मंत्री ने देश के लोगों से झूठ बोला। उन्होंने सवाल किया कि जुलाई 2025 में यह कैसे कहा गया कि किसी भारतीय सैनिक का बलिदान नहीं हुआ, जबकि एक साल बाद सेना ने छह जवानों के बलिदान की जानकारी दी।

उन्होंने कहा, यह इन छह बलिदानियों के परिवारों और पूरे सशस्त्र बलों का गंभीर अपमान है कि देश को उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के बारे में समय पर नहीं बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सैनिकों की शहादत के बारे में सच नहीं बताया। 

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युद्ध स्मारक पर अंकित किए गए छह बलिदानियों के नाम
हाल ही में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की दीवार पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान देने वाले छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए गए। इनमें भारतीय सेना के पांच और भारतीय वायुसेना का एक जवान शामिल है। मई 2025 में हुए इस सैन्य अभियान के बाद पहली बार सरकार ने इन छह शहीदों के नाम सार्वजनिक किए।

रक्षा मंत्रालय का क्या कहना है?
  • रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश ने इन बलिदानियों को सबसे पहले उचित अवसर पर श्रद्धांजलि दी थी और उनकी याद को हमेशा पूरे सम्मान और गरिमा के साथ संजोकर रखा जाएगा।
  • मंत्रालय ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट रक्षा मंत्री के 28 जुलाई 2025 के संसद में दिए गए भाषण को गलत तरीके से पेश कर रही हैं।
  • मंत्रालय के अनुसार, भाषण के एक छोटे हिस्से को अलग करके यह गलत संदेश दिया गया कि रक्षा मंत्री ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी भारतीय सैनिक का बलिदान नहीं हुआ। मंत्रालय ने इन दावों को भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।
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आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। इस आतंकी हमले में अधिकतर आम नागरिकों सहित कुल 26 लोगों की जान गई थी।
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