फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: प्रदर्शन न कर पाने वाले कर्मचारियों को कुत्तों की तरह चलाया, चटाई फर्श; जांच का आदेश

Sun, 06 Apr 2025 12:03 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि।

सार

Kerala: केरल में एक विपणन कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने कर्मचारियों को अमानवीय तरीके से सजा दी। उन्हें घुटनों पर चलने और सिक्के चाटने के लिए मजबूर किया गया। राज्य के श्रम मंत्री ने घटना की जांच का आदेश दिया है, जबकि कंपनी के मालिक ने इन आरोपों को खारिज किया है।
विज्ञापन
पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल में एक विपणन (मार्केटिंग) कंपनी पर आरोप लगा है कि उसने अपने कम प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि कंपनी ने कर्मचारियों को कुत्तों की तरह घुटनों पर चलने के लिए मजबूर किया गया और फर्श से सिक्के चाटने के लिए कहा गया। 

विज्ञापन


इस घटना के वीडियो फुटेज जैसे ही स्थानीय टीवी चैनलों पर प्रसारित हुए तो राज्य श्रम विभाग ने कार्यस्थल पर इस कथित अमानवीय उत्पीड़न की जांच का आदेश दिया। पुलिस और श्रम विभाग ने भी इन फुटेज की हकीकत का पता लगाने के लिए जांच शुरू की है। 

वीडियो में दिख रहे एक शख्स ने कहा- नहीं हुआ उत्पीड़न
हालांकि, बाद में वीडियो फुटेज में दिख रहे एक व्यक्ति ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कंपनी में कोई उत्पीड़न नहीं हुआ था, जो वीडियो में दिखाया गया है, वह सही नहीं है। 
विज्ञापन


उस व्यक्ति ने कहा, मैं अब भी कंपनी में काम कर रहा हूं। ये वीडियो कुछ महीने पहले एक व्यक्ति ने जबरदस्ती बनाए थे, जो उस समय कंपनी का प्रबंधन था। उसे बाद में प्रबंधन से निकाल दिया गया था और अब वह इन वीडियो का उपयोग कंपनी के मालिक की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहा है। उसने यह बयान पुलिस और श्रम विभाग को भी दिया। उसके बयान के बाद श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने घटना की जांच का आदेश दिया और जिला श्रम अधिकारी को तत्काल रिपोर्ट पेश करने को कहा। 

ये भी पढ़ें: Waqf: भाजपा पर कितना असर, क्या बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश को लाभ? बंगाल-तमिलनाडु में सियासत गरमाने के आसार

वीडियो में एक व्यक्ति को पट्टे से बंधा हुआ दिखाया गया, जो घुटनों के बल फर्श पर रेंग रहा था, जैसे वह कुत्ता हो। बाद में कुछ लोगों (जिन्हें कंपनी का कर्मचारी बताया गया) ने एक टीवी चैनल से कहा कि जो कर्मचारी अपने लक्ष्य हासिल करने में असफल रहते थे, उन्हें प्रबंधन ऐसी सजा देता था। 

कंपनी के मालिक ने आरोपों का किया खंडन
पुलिस के मुताबिक, यह घटना कलूर में निजी विपणन कंपनी से जड़ी है। पुलिस ने बताया कि उन्हें अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है और कंपनी के मालिक ने आरोपों को खारिज किया है। मालिक ने बयान में कहा, यह कथित उत्पीड़न पेरंबावूर में स्थिति एक फर्म में हो सकता है, जो उनकी कंपनी के उत्पादों का विपणन और बिक्री कलूर में करती थी। एक अधिकारी ने कहा, अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और जांच जारी है। 
विज्ञापन


घटना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं: शिवनकुट्टी
श्रम मंत्री शिवनकुट्टी ने इस फुटेज को हैरान और परेशान करने वाला बताया और कहा कि इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर केरल जैसे राज्य में। उन्होंने कहा, मैंने इस घटना की जांच का आदेश दिया है और जिला श्रम अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह घटना की जांच करके रिपोर्ट पेश करें। राज्य के मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें