दिवाली का त्योहार होने से वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, एफएमसीजी उत्पादों से जुड़ी कंपनियों के कामकाज में तेजी बरकरार है। यह तेजी पूरे त्योहारी सीजन में देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि इन क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी बरकरार रह सकती है। लेकिन इसी बीच इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की आशंका ने बाजार को भी डरा दिया है। आशंका है कि यदि ईरान और इजरायल के बीच युद्ध भड़कता है तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ेगा और शेयर बाजार में तेज गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
बाजार विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि इस दिवाली में लोग एक दूसरे को उपहार देने के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं। यह खर्च आभूषणों, वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कपड़ों और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के रूप में हो सकता है। कंपनियां अपने कर्मचारियों को और लोग अपने करीबी लोगों को उपहार देने के लिए इन वस्तुओं की खरीद कर रहे हैं। बाजार में ब्रांडेड मिठाइयों, चॉकलेट, क्रॉकरी, कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीद में तेजी देखी जा रही है। ऐसे में इनसे जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी बनी हुई है।
गिरावट का डर क्यों
लेकिन इसी बीच इजरायल ने ईरान के सौ से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है। इन ठिकानों में सबसे ज्यादा इरानी सैन्य अड्डे शामिल हैं। अमेरिकी दबाव में इजरायल ने अभी नाभिकीय और तेल व्यापार से जुड़े स्थानों पर हमला नहीं किया है। लेकिन यदि ईरान इजरायली हमलों का विरोध करने के लिए आगे बढ़ता है तो यह हमला इस तनावपूर्ण स्थिति को पूर्ण युद्ध की ओर भी ले जा सकता है। इसकी आशंका लगातार जताई जा रही है।
यदि ऐसा होता है तो ईरान के साथ-साथ कुछ अन्य देश भी इस युद्ध की चपेट में आ सकते हैं। इसका सीधा असर बाजार पर दिखाई दे सकता है। विशेषकर तेल के कारोबार से जुड़ी कंपनियों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे सकता है। यही कारण है कि इजरायल-ईरान युद्ध से बाजार सहमा सा दिखाई दे रहा है। इसका असर सोमवार को बाजार खुलने पर दिखाई दे सकता है।