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Arbitration : मध्यस्थता कानून में संशोधन के लिए मसौदा विधेयक पेश; वर्तमान कानून के कुछ भागों को भी हटाया गया

Sun, 27 Oct 2024 04:29 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संस्थागत मध्यस्थता को और बढ़ावा देने और ऐसे मामलों में अदालती हस्तक्षेप को कम करने के लिए सरकार एक मसौदा विधेयक लेकर आई है, जिसमें प्रस्तावित संशोधनों पर राय मांगी गई है।
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कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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सरकार ने मध्यस्थता कानून में संशोधन के लिए मसौदा विधेयक पेश किया है। विधि मंत्रालय के विधिक मामलों के विभाग ने मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2024 के मसौदे पर सुझाव मांगे हैं। सरकार का उद्देश्य इन संशोधनों के जरिए संस्थागत मध्यस्थता को और अधिक बढ़ावा देने के साथ ही ऐसे मामलों में अदालती हस्तक्षेप को कम करना भी है।

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बता दें कि पूर्व विधि सचिव और पूर्व लोकसभा महासचिव टी. के. विश्वनाथन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने कुछ महीने पहले ही मध्यस्थता क्षेत्र में प्रस्तावित सुधारों पर अपनी रिपोर्ट विधि मंत्रालय को सौंपी थी। जिसके बाद अब विधि मंत्रालय ने यह मसौदा विधेयक पेश किया है। इसमे ‘आपातकालीन मध्यस्थता’ की अवधारणा का प्रस्ताव भी किया गया है।

इसमें कहा गया है कि मध्यस्थ संस्थाएं अंतरिम उपाय प्रदान करने के उद्देश्य से मध्यस्थ न्यायाधिकरण के गठन से पहले आपातकालीन मध्यस्थ की नियुक्ति का प्रावधान कर सकती हैं। यह मध्यस्थ परिषद द्वारा बताए गए तरीके से कार्यवाही का संचालन करेगा।
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इसके अलावा, मसौदा विधेयक में वर्तमान कानून के कुछ भागों को भी हटा दिया गया है। हटाए गए हिस्से संसद सत्र के दौरान जारी किए जाने वाले प्रस्तावित अधिसूचनाओं को दोनों सदनों में रखे जाने से संबंधित हैं।

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