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काटजू का एक और विवादास्पद बयान, 'जरूरत पड़े तो जनता बंदूक उठाए'

Sat, 22 Oct 2016 06:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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- फोटो : Twitter
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सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा कि अब वोट और इलेक्शन का जमाना खत्म हो रहा है। हर जगह भ्रष्टाचार और अन्याय है, अब क्रांति की जरूरत है, बंदूक की जरूरत है। 
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बिना लड़ाई लड़े कुछ नहीं होने वाला। अब बंदूक चलेगी। जस्टिस काटजू ने देश के 50 प्रतिशत सांसदों को क्रिमिनल और 100 प्रतिशत सांसदों को भ्रष्ट बताया। इसके अलावा उन्होंने देश की न्यायिक व प्रशासनिक व्यवस्था को भी पूरी तरह से भ्रष्ट बताया।

जस्टिस काटजू शुक्रवार को आईआईटी कानपुर के कल्चरल फेस्ट ‘अंतराग्नि 2016’ के टॉक शो में स्टूडेंटों से सीधा संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब देश संभालना है तो एक नई क्रांति की जरूरत है। इसमें बलिदान देना होगा। शायद पहले के नुकसान से ज्यादा नुकसान इस क्रांति में हो। 
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चीन की क्रांति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान जितनी जानें गई थीं, शायद उससे कहीं ज्यादा जानें इस क्रांति में जाएं लेकिन क्रांति होनी चाहिए। बिना लड़ाई के कुछ हासिल नहीं होगा। ये आसान नहीं है लेकिन करना पड़ेगा।
 
एक छात्र ने अरविंद केजरीवाल पर सवाल पूछा तो बिना हिचक जस्टिस काटजू ने केजरीवाल को फ्रॉड कह डाला। बोले, पहले मैं सोचता था कि ये कुछ नई तरह की राजनीति करेगा, लेकिन यह तो सबका खिलाड़ी निकला। 

उन्होंने बीजेपी को भी आड़े हाथों लिया। बोले, बीजेपी के पास चुनाव जीतने के लिए अब सिर्फ मुस्लिमों का खून बहाना या फिर पाकिस्तान से युद्ध करने का उपाय रह गया है।   
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