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Maritime Security Meet: हिंद महासागर में हितों का टकराव, डोभाल ने किया आगाह- हमें सतर्क रहकर करनी होगी होगी रक्षा

Thu, 30 Jun 2022 01:24 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश की समुद्री सुरक्षा को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर चर्चा के लिए इस समूह की बैठक बुलाई गई है। 
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अजीत डोभाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच समुद्री सुरक्षा को ज्यादा महत्वपूर्ण बताया है। गुरुवार को समुद्री सुरक्षा समूह (MAMSG) की पहली बैठक का उद्धाटन करने के बाद डोभाल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर शांति का सागर था, लेकिन यह प्रतिस्पर्धी और हमें यहां हितों का टकराव नजर आ रहा है। उन्होंने आगाह किया कि हमें सतर्क रहकर इसकी रक्षा करनी होगी। 

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देश की समुद्री सुरक्षा को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर चर्चा के लिए इस समूह की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल रिटायर्ड जी अशोक कुमार ने की।  डोभाल ने कहा कि तेजी से जटिल और चुनौतीपूर्ण हो रहे परिदृश्य में समुद्री सुरक्षा अहम है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए समुद्र ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं। डोभाल ने कहा कि जमीनी और समुद्री सीमाओं का महत्व बहुत अलग है। समुद्री सीमाओं पर आप तारबंदी नहीं कर सकते। वहां चौबीसों घंटे सतर्कता बरत सकते हैं। जमीनी सीमाओं में संप्रभुता की अवधारणा अच्छी तरह से परिभाषित है। 

हिंद महासागर बहुत बड़ी संपदा
एनएसए ने कहा कि हिंद महासागर हमारे लिए बहुत बड़ी संपत्ति है। सुरक्षा के अनिवार्य सिद्धांतों के साथ, हमारी कमजोरियां हमारी संपत्ति के सीधे आनुपातिक हैं। हम जितना अधिक विकास करेंगे, उतनी ही अधिक संपत्ति बनाएंगे, हम उतने ही समृद्ध होंगे, लेकिन, उतनी ही अधिक सुरक्षा की भी जरूरत पड़ेगी। हिंद महासागर शांति का सागर रहा है लेकिन, धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में हमें हितों के टकराव की आशंका दिखाई दे रही है। इसलिए हमें इसकी रक्षा करने और सतर्क रहने की जरूरत है।
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इसलिए जरूरी है मजबूत समुद्री रक्षा प्रणाली
देश के लिए मजबूत समुद्री सुरक्षा प्रणाली को जरूरी बताते हुए डोभाल ने कहा कि हम जानते हैं कि हम कहां पहुंच रहे हैं। यदि हमारे पास एक बहुत मजबूत समुद्री प्रणाली नहीं होगी तो समय आने पर भारत वह शक्ति नहीं बन पाएगा, जिसका वह हकदार है। समुद्री सुरक्षा मजबूत करने का यह सही समय है। हमारी पड़ोसियों के प्रति भी जिम्मेदारी है, भले आपदा प्रबंधन हो या उनकी सुरक्षा। हम यह कर रहे हैं। हाल ही में कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में शामिल क्षेत्र के देशों ने हिंद महासागर की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर एकजुट होकर विचार किया था।

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