महाराष्ट्र भर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने गुरुवार को टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान की जांच करने के लिए एक अभियान शुरू किया। इसके साथ ही टीमों को इस अभ्यास की वीडियोग्राफी करने का आदेश दिया गया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
किसे भाषा सीखने को अवसर मिलेगा?
अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ राज्यव्यापी अभियान की देखरेख करेंगे, जबकि आरटीओ के हवाई दस्तों को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सरनाइक ने कहा है कि जिन ड्राइवरों में अपेक्षित दक्षता की कमी पाई जाएगी। उन्हें शुरू में भाषा सीखने का अवसर दिया जाएगा।
नियम ना पालन करने पर क्या होगा?
सरनाइक के अनुसार, महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य होना 1989 से ही था, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था। 12 अगस्त को किए गए संबंधित कानूनी संशोधन के तहत अब इस प्रावधान को सख्ती से लागू किया जाएगा।