उच्चतम न्यायालय कोच्चि के मरदु फ्लैट मालिकों की उन पुनर्विचार याचिकाओं पर खुली अदालत में सुनवाई के लिए राजी हो गया है जिनमें बिल्डरों से उचित राहत की मांग की गई है। अदालत ने अपने अंतिम आदेश में फ्लैटों को गिराने करने का निर्देश दिया था क्योंकि यह तटीय विनियमन क्षेत्र का उल्लंघन करके बनाए गए हैं।
न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को कहा कि वह बिल्डरों से उचित मुआवजे के विषय पर पुनर्विचार याचिकाओं पर खुली अदालत में सुनवाई करेगी। केरल सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने स्थिति रिपोर्ट जमा की और कहा कि शीर्ष अदालत के मरदु फ्लैट गिराने के पहले के आदेश का राज्य ने आंशिक रूप से पालन किया गया है।
उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के पहले के आदेश के अनुपालन के तहत राज्य सरकार ने मरदु फ्लैट मालिकों को अंतरिम मुआवजे के रूप में 27.99 करोड़ रुपए का भुगतान किया है और 33.51 करोड़ रुपए का भुगतान करना अभी बाकी है। इसके बाद अदालत ने राज्य सरकार से कहा कि वह मरदु फ्लैट गिराने समेत शीर्ष अदालत के पहले के फैसले का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करे।