केरल में भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ ने राज्यभर में काफी तबाही मचाई है। ऐसे मुश्किल समय में केरल की मदद करने के लिए देश के दूसरे राज्य भी सामने आ रहे हैं। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बाढ़ प्रभावित केरल के लिए 10 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। इसके साथ ही राजस्थान राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) के 27 सदस्यीय दल को भी राहत कार्य के लिए केरल रवाना किया गया।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी 10 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र सरकार ने 20 करोड़ रुपये की सहायता करने की घोषणा की है। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने राहत कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि और दूध, चावल समेत अन्य राहत सामग्रियां भेजने की घोषणा की है। साथ ही मुख्यमंत्री ने जरूरी दवाईयों और चिकित्सकों की एक टीम को भी फौरन यहां भेजे जाने की घोषणा की। कुछ समय पहले पढ़ाई के लिए मछली बेचने कारण ट्रोल का सामना करने वाली 21 साल की कॉलेज छात्रा ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 1.5 लाख रुपये का योगदान दिया है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस आपदा पर चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस दमकल कर्मियों की एक विशेष टीम रवाना की है। वहीं गोवा के पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर ने बचाव निधि में अपना एक महीने का वेतन दान करने की बात कही। कांग्रेस की पंजाब इकाई के सांसदों और विधायकों ने भी एक-एक महीने का वेतन दान देने की बात कही है। यूपी पुलिस बाड़ पीड़ितों के लिए अपने एक दिन का वेतन दान करेगी।
रेलवे भी मदद के लिए आगे आया है। रेलवे ने सभी सरकारी और निजी इकाइयों को बाढ़ प्रभावित केरल तक राहत सामग्री नि:शुल्क पहुंचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए है। पश्चिम रेलवे ने बाढ़ प्रभावित केरल के लिए नौ लाख लीटर पेयजल के साथ विशेष ट्रेन को रवाना किया। इसके अलावा दिल्ली के सभी विधायक औऱ मंत्री अपनी एक महीने ती तनख्वाह को केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए दान करेंगे।