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संकट: एनआरसी अपडेट की वजह से नहीं जारी हो पा रहा आधार, मंत्री बोले- असम सरकार केंद्र के संपर्क में

Tue, 15 Mar 2022 07:13 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोहाटी

सार

असम में जिन लोगों आधार कार्ड बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, उनको लेकर केंद्र सरकार के संपर्क में है। राज्य में कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को लेकर हो रही चर्चा के दौरान असम सरकार के मंत्री रंजीत कुमार दास ने विधानसभा में इस बात की जानकारी दी।
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आधार कार्ड - फोटो : iStock
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विस्तार
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असम सरकार ऐसे लोगों जिनका आधार कार्ड जारी नहीं हुआ है, उनको लेकर केंद्र सरकार के संपर्क में है। राज्य में कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को लेकर हो रही चर्चा के दौरान असम सरकार के मंत्री रंजीत कुमार दास ने विधानसभा में इस बात की जानकारी दी। मंगलवार को उन्होंने बताया कि सरकार कई ऐसे पात्र लोगों के मुद्दे पर केंद्र के साथ विचार कर रही है, जिनका बायोमीट्रिक डाटा दस्तावेजों के लिए जरूरी है। दरअसल, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को अपडेट करने के दौरान इन लोगों का डाटा लॉक हो गया था। 

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राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को अपडेट करने के चरण में लगभग 27 लाख लोगों का बायोमीट्रिक डाटा लिया गया था। जिसको अभी तक रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया(आरजीआई) के द्वारा नोटिफाई नहीं किया गया है। इनमें से 19 लाख लोगों के नाम को एनआरसी के अंतिम मसौदे में शामिल नहीं किया गया, जो कि 31 अगस्त 2019 में प्रकाशित किया गया था। अब इन लोगों को आधार कार्ड मिलने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक एनआरसी को अपडेट की देखरेख करने वाले विभाग ने इन लोगों का बायोमीट्रिक डाटा लॉक कर दिया है। 

विपक्ष की चर्चा को साझा करते हुए सामान्य लोक प्रशासन विभाग के मंत्री रंजीत कुमार दास ने बताया कि सरकार को पता है कि आधार कार्ड न होने के पर कई पात्र लोगों को राज्य की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसको लेकर पिछले दो सालों में केंद्र को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि आधार कार्ड बनाने वाली संस्था को कम से कम उन लोगों के बायोमीट्रीक जानकारी तक पहुंचने की अनुमति दी जाए जिनके नाम एनआरसी के अंतिम मसौदे में शामिल किए गए थे। 
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उन्होंने विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं इस मुद्दे को मंत्रिमंडल के समक्ष उठाया था और आगे की रणनीति बनाने के लिए विभिन्न संगठनों के साथ एक उप-समिति का गठन किया था।

दरअसल,  31 अगस्त 2019 में एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित की गई थी, जिसमें यह तय किया गया था कि असम में रह रहे लोगों में कौन वहां का नागरिक है और कौन नहीं। एनआरसी अपडेट करने के लिए लोगों की बायोमीट्रिक जानकारी लॉक कर दी गई थी। अंतिम सूची के प्रकाशित हो जाने के बाद भी वहां के लोगों को आधार कार्ड बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते वे राज्य की लाभकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। 

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