जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह
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केंद्र सरकार में अगले एक-दो दिन में होने वाले कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले मंगलवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने एक साथ आठ राज्यपालों की नियुक्ति कर दी है। नए बनाए हुए राज्यपालों में केंद्रीय मंत्री से लेकर भाजपा के बुजुर्ग नेता तक शामिल हैं। हालांकि राजभवन जाने की हसरत पाले भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को इस बार भी निराशा हाथ लगी है।
- पूर्व लोकसभा स्पीकर और इंदौर की सात बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन का नाम लंबे समय से राज्यपाल बनाए जाने को लेकर चल रहा है। लेकिन इस बार भी उनकी अनदेखी हो गई।
- इसके अलावा झारखंड से पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी स्पीकर करिया मुंडा को भी निराशा हाथ लगी है। लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद से मुंडा अपने गांव में खेती कर रहे हैं।
- उत्कृष्ट सांसद के पुरस्कार से नवाजे जा चुके बिहार के कद्दावर भाजपा नेता हुकुमदेव नारायण यादव भी राज्यपाल के पद की रेस में थे।
- इसके अलावा असम में पार्टी का चेहरा रहीं और पूर्व सांसद विजय चक्रवती भी मौका चूक गईं।
- इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार औऱ प्रेम कुमार धूमल भी इस दौड़ में शामिल थे। लेकिन केंदीय नेतृत्व ने इन्हें तरज़ीह नहीं दी। दोनों नेता राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
- इन दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के अलावा उत्तराखंड के पूर्व सीएम बीसी खंडूरी भी इस रेस शामिल थे। उन्हें भी निराशा हाथ लगी है।
हालांकि आने वाले डेढ़ से दो वर्षों में पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर के राज्यपालों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन राज्यों में इन नेताओं की संभावना बन सकती है। लेकिन अब देखने वाली बात ये होगी कि किस्मत इनका साथ देती है या नहीं।
आज ये बने नए राज्यपाल
मंगलवार को राष्ट्रपति ने कैबिनेट मंत्री रहे थावरचंद गहलोत को कर्नाटक और हरि बाबू कंभमपति को मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किया है। गुजरात के भाजपा नेता मंगूभाई छगनभाई पटेल को मध्यप्रदेश, राजेंद्रन विश्वनाथ अर्लेकर को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। श्रीधरन पिल्लई को गोवा, सत्यदेव नारायण आर्य को त्रिपुरा, रमेश बैंस को झारखंड और बंडारू दत्तात्रेय को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।