इस बार विधानसभा चुनावों में जीत के साथ राज्य की सत्ता पर काबिज होने का सपना देख रही भारतीय जनता पार्टी ने यहां कांग्रेस से मुकाबले के लिए असम में बीते साल आजमाए गए फार्मूले को ही अपनाया है। यही वजह है कि 31 सीटों के लिए जारी उम्मीदवारों की पहली सूची में दलबदलुओं की भरमार है।
इस सूची में कांग्रेस की इबोबी सिंह सरकार में मंत्री रहे छह नेता शामिल हैं। उनके अलावा भाकपा (सीपीआई) और क्षेत्रीय मणिपुर पीपुल्स पार्टी (एमपीपी) से एक-एक नेता का नाम भी इस सूची में है। लेकिन राज्य में महिला वोटरों की आबादी पुरुषों के मुकाबले ज्यादा होने के बावजूद पार्टी की पहली सूची में एक भी महिला शामिल नहीं है। राज्य की लिलोंग सीट पर मुस्लिम वोटरों के निर्णायक होने के समीकरण को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने इस सीट पर एक अल्पसंख्यक मोहम्मद अनवर हुसैन को मैदान में उतारा है।
बीते साल पार्टी ने असम में यही फार्मूला अपनाया था। उसने वहां जो साठ सीटें जीती थीं उनमें से एक-तिहाई सीटों पर ऐसे नेता चुने गए जो चुनावों से पहले तक कांग्रेस या असम गण परिषद में थे। मणिपुर के लिए शुक्रवार (27 जनवरी) को जारी होने वाली सूची में कुछ और दलबदलुओं को टिकट मिलने की उम्मीद है। इनमें हाल से कांग्रेस से आए दो पूर्व विधायक नेमचा किपगेन और वी. वाल्टे शामिल हैं। किगपेन भाजपा की अकेली महिला उम्मीदवार हो सकती हैं।