पुणे ग्रामीण पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप खेडकर की तब तलाश शुरू की थी, जब एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मनोरमा 2023 में पुणे के मुलशी तहसील के धडवाली गांव में एक भूमि विवाद को लेकर कुछ लोगों को बंदूक दिखाकर धमकाते दिखी थीं।
पूजा खेडकर की मां द्वारा जमानत मिलने के बाद आज जेल से रिहा कर दी गई। वे पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में बंद थीं। उन्हें शुक्रवार को पुणे की एक अदालत द्वारा राहत दी गई थी। वे भूमि विवाद से जुड़े आपराधिक धमकी के मामले में आरोपी थीं। जेल से बाहर निकलने के बाद वे मीडिया कर्मियों से बचती दिखीं। इस दौरान वे अपनी कार तक भागकर जाती भी देखी गईं।
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गौरतलब है कि पुणे ग्रामीण पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप खेडकर की तब तलाश शुरू की थी, जब एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मनोरमा 2023 में पुणे के मुलशी तहसील के धडवाली गांव में एक भूमि विवाद को लेकर कुछ लोगों को बंदूक दिखाकर धमकाते दिखी थीं।
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पुलिस ने इसके बाद खेडकर दंपत्ति और पांच अन्य के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। उन पर धारा 307, 144, 147 और 506 के अलावा हथियार कानून की धारा भी लगाई गई थी। इस मामले में लंबे समय तक फरार रहने के बाद मनोरमा को रायगढ़ जिले के महाड के पास हिरकानीवाड़ी गांव में एक लॉज से पकड़ा गया था। इस मामले में दिलीप खेडकर को अग्रिम जमानत मिल गई है।
बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बुधवार को ही पूजा खेडकर को बड़ा झटका दिया। यूपीएससी vs कहा कि उसने प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की अनंतिम उम्मीदवारी रद्द कर दी है और उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं या चयन से वंचित कर दिया है।