कश्मीर के उड़ी में 18 सितंबर, 2016 को सैन्य बेस पर पाकिस्तानी आतंकियों के हमले में 19 जवानों की मौत के महज 12 दिन में भारत ने पाक कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी थी। भारतीय इतिहास में पहली बार की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे उस समय रक्षा मंत्री पद पर मौजूद परिकर की भूमिका को बेहद अहम माना जाता है। इससे पहले 4 जून, 2015 को मणिपुर के चंदेल जिले में उग्रवादियों के हमला कर सेना के 18 जवानों की जान लेने के बाद म्यांमार सीमा में उग्रवादियों के दो कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इस ऑपरेशन में तकरीबन 100 उग्रवादी मारे गए थे।