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थोड़ी देर में पीएम मोदी करेंगे मन की बात, लॉकडाउन पर मांग सकते हैं जनता का सहयोग!

Sun, 26 Apr 2020 12:34 AM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सोमवार को करेंगे मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
  • कैबिनेट सेक्रेटरी ने की राज्यों के मुख्य सचिवों, डीजीपी से बात
  • कोविड-19 संक्रमण से लड़ाई कठिन और समय भी विकट
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Man ki baat - फोटो : File
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह 11 बजे रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिये देशवासियों को फिर संबोधित करेंगे। पीएम ने खुद ट्वीट कर बताया है कि इस बार होने वाले मन की बात कार्यक्रम के लिए लोगों से कई तरह के व्यावहारिक सुझाव मिले हैं। माना जा रहा है कि हर महीने के अंतिम रविवार को होने वाले इस कार्यक्रम में पीएम मोदी फिर कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मुद्दे पर लोगों के सामने अपने विचार रख सकते हैं। दूसरे चरण का लॉकडाउन 3 मई को खत्म हो रहा है। प्रधानमंत्री का यह इस साल का चौथा और मन की बात का कुल 64वां संस्करण होगा। मोदी ने 12 अप्रैल को ट्वीट कर कहा था कि इस महीने की मन की बात 26 तारीख को होगी। उन्होंने इसके लिए लोगों से सुझाव मागे थे। 

पीएम लॉकडाउन पर मांग सकते हैं जनता का सहयोग!

केंद्र सरकार के रणनीतिकारों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री एक बार फिर जनता का सहयोग मांग सकते हैं। वह मन की बात कार्यक्रम में देश की जनता को संक्रमण की गंभीरता का संक्षिप्त अहसास कराते हुए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षा बलों और सरकार के दिशानिर्देशों की अनुपालना का सहयोग मांगेंगे।

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प्रधानमंत्री ने इस बार 'मन की बात' के कार्यक्रम को पंचायत स्तर पर चर्चा करने के बाद रूप दिया है। ताजा हालात को लेकर कैबिनेट सेक्रेटरी ने भी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों से बात की है।

क्या है अंदेशा

देश 25 मार्च 2020 से कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ प्रयास कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की चुनौती में कोई खास कमी नहीं आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड-19 संक्रमण से रिकवरी की दर 20 फीसदी तो संक्रमितों के मृत्यु की दर तीन फीसदी बनी हुई है।

रिकवरी दर में कोई उत्साहजनक परिणाम अभी तक नहीं आ सका है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश कोविड-19 संक्रमण को लेकर गंभीर चेतावनी दे रहे हैं। इन पांच राज्यों में कोविड-19 के कुल 65 फीसदी संक्रमित सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में भी संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

केंद्र सरकार की टीम कर रही है काम

नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 को लेकर बनी उच्चस्तरीय समिति के प्रमुख डा. विनोद पॉल के अनुसार कोविड-19 के संक्रमण की गहराई का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार की टीम लगी हुई है।

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डा. पॉल ने अमर उजाला को बताया कि वायरस के संक्रमण पर वैक्सीन के माध्यम से ही काबू पाया जा सकता है। उनकी जानकारी यही है कि जब तक ऐसा नहीं होता वायरस का संक्रमण फैलता रहता है।

डा. पॉल का कहना है कि इस संक्रमण पर पूरी तरह से काबू पाने में एक सवा साल लग सकते हैं। वहीं अमेरिका समेत दुनिया के वायरोलॉजिस्ट, चिकित्सा विज्ञानी और माइक्रोबॉयलॉजी के विशेषज्ञ मई महीने से भारत में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ने, जून-जुलाई तक खतरनाक स्वरूप लेने की चेतावनी दे रहे हैं।
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इस तरह की तमाम संभावनाओं को देखते हुए को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम संयम के साथ उच्चस्तरीय सावधानी बरत कर चल रही है।

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