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'मन की बात' में बोले PM मोदी- GST लागू होने के बाद कई चीजें सस्ती, ग्राहकों का भरोसा बढ़ा

Sun, 30 Jul 2017 12:13 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान कई राज्यों में बाढ़ के चलते बिगड़े हालातों पर चिंता जताई और कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा पीएम मोदी ने जीएसटी को लेकर देश की जनता के सकारात्मक रूख को लेकर बात की। उन्होंने त्योहारों को आर्थिकी से जोड़ा, तो देश की बेटियों के क्रिकेट विश्वकप में शानदार प्रदर्शन की भी तारीफ की। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए लगभग एक माह हो गए। इससे फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी होती है, जब लोग चिट्ठियां लिखकर अपनी बात रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी ने बेहद कम समय में पूरे देश में सकारात्मक उर्जा का संचार किया है। इस दौरान पीएम मोदी ने स्वतंत्रता की लड़ाई और आजादी के समय को याद करते हुए देशवासियों से देश के नवनिर्माण में जुट जाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 9 अगस्त 1942 में गांधी जी ने  'भारत छोड़ो' आंदोलन के माध्यम से अंग्रेजों को पीछे ढकेला। उन्हें पूरे देश का साथ मिला। पीएम मोदी ने साथ ही ये भी कहा कि आजादी के वीरों ने त्याग, तपस्या, बलिदान दिए हैं, हमारे आने वाली पीढ़ी को ये सब बताना होगा। पूरा देश भारत छोड़ो आंदोलन का हिस्सा बन गया। लाखों लोगों ने गांधी जी की अगुवाई में अपने जीवन को संघर्ष में झोंक दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि भारत छोड़ो का नारा डॉ यूसुफ मेहर अली ने दिया था।
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  Very few people know that the slogan of 'Quit India' was coined by Dr. Yusuf Meher Ali: PM Narendra Modi #MannKiBaat pic.twitter.com/6us5SvZpXE — ANI (@ANI_news) July 30, 2017


पीएम मोदी ने कहा कि 9 अगस्त को महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया और बड़े नेताओं को अंग्रेजों ने जेल में डाल दिया। असहयोग आंदोलन 1920 और भारत छोड़ो आंदोलन में महात्मा गांधी के दो रूप दिखे। महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा दिया। इन सबके पीछे पूरा देश खड़ा था। जनसमर्थन मिला। इतिहास के पन्नों को जोड़कर देखें, तो 1857 से शुरू हुआ पहला स्वतंत्रता संग्राम 1942 तक चलता रहा और 1942 से अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता की लड़ाई का दूसरा दौर था। 1942 तक पहला स्वतंत्रता संग्राम अपने चरम पर पहुंच गया और 1942 से 1947 का समय निर्णायक साबित हुआ।

उन्होंने कहा कि साल 1947 में हम आजाद हुए। करीब 70 साल हो गए। कई सरकारें आईं, गईं और सब लोगों ने अपने स्तर पर काम किया। सफलताएं भी मिली। पीएम मोदी ने कहा कि 1942 से 1947 तक संकल्प सिद्धि का समय था। 2017 से 2022 तक हम देश को नवनिर्मित करने का संकल्प लेकर चले।  9 अगस्त को हर देश वासी अपने देश के लिए. समाज के लिए, परिवार के लिए, सरकारी विभाग के लिए संकल्प ले और कहे कि वो इन 5 सालों में भारत के भविष्य के लिए काम करेंगे। ये संकल्प हर भारतवासी ले।

पीएम मोदी ने 'आतंकवाद भारत छोड़ो, जातिवाद भारत छोड़ो, भेदभाव भारत छोड़ो' जैसे संकल्प दिलाए और कहा कि हमें इन संकल्पों की सिद्धि का महाअभियान चलाना है 9 अगस्त से। न्यू इंडिया के लिए। ऐसा संकल्प लें, जिन्हें अगले 5 सालों में हम सिद्ध करके दिखाएं। 
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अर्थव्यवस्था में सामाजिक अर्थशास्त्र का जिक्र

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अर्थव्यवस्था में सामाजिक अर्थशास्त्र का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि त्यौहार सिर्फ आनंद के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार से संबंध रखते हैं। त्यौहारों पर गरीबों को आर्थिक उपार्जन के अवसर मिलते हैं। त्योहार व्यक्तिओं को समाज से जोड़ते हैं। त्यौहारों में जहां तक अर्थव्यवस्था की बात है, तो राखी के कई माह पहले से राखियां बननी शुरू हो जाती हैं। ये त्योहार ही तो उन्हें रोजगार देते हैं। दीवाली सिर्फ त्यौहार ही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की अर्थव्यवस्था से भी है। छोटे-छोटे दिए बनाने वालों को भी रोजगार मिलता है। पर्यावरण पर बोलते ही पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने चिट्ठियां लिखकर मुझसे इको-फ्रेंडली गणेश जी की स्थापना की बात कही है।

आइए, हम अपने त्योहारों को गरीबों की अर्थव्यवस्था से जोड़ें। पीएम मोदी ने आने वाले सभी त्योहारों और उत्सवों के लिए शुभकामनाएं भी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने महिला विश्वकप में भारतीय क्रिकेटरों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं देश की उन बेटियों से मिला। उन्होंने विश्वकप में शानदार प्रदर्शन किया। उनपर जीत न मिलने का बड़ा बोझ था। मैंने उनसे कहा, देखिए-अपेक्षा बढ़ा दी जाती हैं और सफलता न मिलने पर वो अपेक्षाएं आक्रोश में बदल जाती हैं। पर ऐसा पहली बार हुआ कि बेटियां विश्वकप के फाइनल में सफल नहीं हो पाई, तब भी देशवासियों ने उसे अपने कंधों पर ले लिया। उन्हें असफलता भार अकेले नहीं उठाने दिया। हमारी बेटियों ने कमाल कर दिया।
  But, the way India supported the women's cricket team shows a shift. I am happy how India took pride in the team's accomplishment: PM pic.twitter.com/SKVDP2YNjr — ANI (@ANI_news) July 30, 2017


इससे पहले, पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर मन के बात के प्रसारण के बारे में जानकारी दी थी।
  This month's #MannKiBaat will take place on Sunday, 30th July at 11 AM. Tune in. pic.twitter.com/yfz1cxcFkX — Narendra Modi (@narendramodi) July 28, 2017
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