प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र हमारी रगों में है, हमारी संस्कृति में है। सदियों से यह हमारे कामकाज का भी एक अभिन्न हिस्सा रहा है। स्वभाव से हम एक लोकतांत्रिक समाज हैं। एक किताब का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने रविवार को 2023 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों से बात की।
पीएम मोदी ने कहा, मैं एक दिलचस्प किताब का जिक्र करूंगा जो मुझे कुछ हफ्ते पहले ही मिली है। ‘इंडिया : द मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ में कई बेहतरीन निबंध हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमको इस बात का गर्व भी है कि हमारा देश लोकतंत्र की जननी है। डॉ. आंबेडकर ने बौद्ध भिक्षु संघ की तुलना भारतीय संसद से की थी। उन्होंने उसे एक ऐसी संस्था बताया था, जहां प्रस्ताव, संकल्प, कोरम, वोटिंग और वोटों की गिनती के लिए कई नियम थे। बाबा साहेब का मानना था कि भगवान बुद्ध को इसकी प्रेरणा उस समय की राजनीतिक व्यवस्थाओं से मिली होगी।
लोकतंत्र हमारी रगों में: पीएम मोदी
मन की बात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हम भारतीयों को इस बात का गर्व भी है कि हमारा देश लोकतंत्र की जननी भी है। लोकतंत्र हमारी रगों में हैं, हमारी संस्कृति में है। सदियों से यह हमारे कामकाज का भी एक अभिन्न हिस्सा रहा है। स्वभाव से हम एक लोकतांत्रिक समाज हैं।
आदिवासी समाज अपनी परंपराओं को बचाने के लिए आतुर
पीएम मोदी ने कहा कि पद्म पुरस्कार विजेताओं की एक बड़ी संख्या आदिवासी समुदायों और आदिवासी समाज से जुड़े लोगों से आती है। आदिवासी जीवन शहर के जीवन से अलग है, इसकी अपनी चुनौतियां भी हैं। इन सबके बावजूद आदिवासी समाज अपनी परंपराओं को बचाने के लिए हमेशा आतुर रहता है। जनजातीय समुदायों से जुड़ी चीजों के संरक्षण और उन पर शोध के प्रयास भी होते हैं। ऐसे ही टोटो, हो, कुइ, कुवी और मांडा जैसी जनजातीय भाषाओं पर काम करने वाले कई महानुभावों को पद्म पुरस्कार मिले हैं। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है।
पीएम मोदी ने गोवा में पर्पल फेस्ट इवेंट की चर्चा की
गोवा में पर्पल फेस्ट इवेंट हुआ। दिव्यांगजनों के कल्याण को लेकर यह अपने-आप में एक अनूठा प्रयास था। 50 हजार से भी ज्यादा हमारे भाई-बहन इसमें शामिल हुए। यहां आए लोग इस बात को लेकर रोमांचित थे कि वो अब 'मीरामार बीच' घूमने का भरपूर आनंद उठा सकते हैं।
तमिलनाडु के एक गांव नें मिनी संविधान जैसा शिलालेख
मोदी ने कहा, तमिलनाडु में एक छोटा लेकिन चर्चित गांव है, उतिरमेरुर। यहां 1100-1200 साल पहले का एक शिलालेख दुनियाभर को अचंभित करता है। यह शिलालेख एक मिनी संविधान की तरह है। इसमें विस्तार से बताया गया है कि ग्राम सभा का संचालन कैसे होना चाहिए और उसके सदस्यों के चयन की प्रक्रिया क्या हो। हमारे देश के इतिहास में लोकतांत्रिक मूल्यों का एक और उदाहरण है, 12वीं सदी के भगवान बसवेश्वर का अनुभव मंडपम। यहां स्वतंत्र चर्चा और बहस को प्रोत्साहन दिया जाता था। एजेंसी
पेटेंट फाइलिंग में भारत सातवें स्थान पर
पीएम ने कहा, 21वीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था में ज्ञान ही सर्वोपरि है। भारत के तकनीक का सपना हमारे अन्वेषकों और उनके पेटेंट के दम पर जरूर पूरा होगा। इससे हम सभी अपने ही देश में तैयार विश्वस्तरीय तकनीकी और उत्पाद का भरपूर लाभ ले सकेंगे। भारत में पिछले 11 वर्षों में पहली बार घरेलू पेटेंट फाइलिंग की संख्या विदेशी फाइलिंग से अधिक देखी गई है। यह भारत के बढ़ते वैज्ञानिक सामर्थ्य को दिखाता है। उन्होंने कहा, देश के सबसे पुराने विज्ञान संस्थानों में से एक बंगलूरू का इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एक शानदार मिसाल पेश कर रहा है। वर्ष 2022 में इस संस्थान के नाम पर कुल 145 पेटेंट रहे हैं। इसका मतलब है, हर पांच दिन में दो पेटेंट। यह रिकॉर्ड अपने आप में अद्भुत है। आज पेटेंट फाइलिंग में भारत 7वें और ट्रेडमार्क्स में 5वें स्थान पर है। सिर्फ पेटेंट की बात करें तो पिछले पांच साल में इसमें करीब 50 फीसदी की वृद्धि हुई है। वैश्विक नवाचार सूचकांक में भी भारत की रैंकिंग में जबदरस्त सुधार हुआ है और अब वह 40वें नंबर पर है, जबकि 2015 में 80 के भी पीछे था।
बाजरे से बन रहे रसगुल्ले, गुलाब जामुन और केक
पीएम ने कहा, दुनिया अब मोटे अनाज का महत्व समझने लगी है। लोग अब मोटे अनाज को अपने खानपान का हिस्सा बना रहे हैं। ओडिशा के आदिवासी जिले सुंदरगढ़ की करीब डेढ़ हजार महिलाओं का स्वयं सहायता समूह मोटे अनाज मिशन से जुड़ा हुआ है। यहां महिलाएं मोटे अनाज से कुकीज, रसगुल्ला, गुलाब जामुन और केक तक बना रही हैं। आंध्र प्रदेश के नांदयाल जिले के रहने वाले केवी रामा सुब्बा रेड्डी ने मोटे अनाज के लिए अच्छी-खासी सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी। मां के हाथों से बने मोटे अनाज के पकवानों का स्वाद कुछ ऐसा रचा-बसा था कि उन्होंने अपने गांव में बाजरे की प्रसंस्करण यूनिट ही शुरू कर दी। महाराष्ट्र में अलीबाग के पास केनाड गांव की रहने वाली शर्मीला ओसवाल जी पिछले 20 साल से मोटे अनाज की पैदावार में अनूठे तरीके से योगदान दे रही हैं। वह किसानों को स्मार्ट कृषि का प्रशिक्षण दे रही हैं।
महिला सीआरपीएफ टुकड़ी की हो रही सराहना : पीएम ने कहा, हर साल जनवरी महीना काफी अहम होता है। इस महीने 14 जनवरी के आसपास उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक देशभर में त्योहारों की रौनक होती है। इसके बाद देश अपना गणतंत्र उत्सव मनाता है। इस बार भी गणतंत्र दिवस समारोह में अनेक पहलुओं की काफी प्रशंसा हो रही है। इस परेड में पहली बार हिस्सा लेने वाली महिला ऊंट सवारों और सीआरपीएफ की महिला टुकड़ी की काफी सराहना हो रही है।
रामसर स्थलों की संख्या 75 हुई
पीएम ने कहा कि दो फरवरी को वर्ल्ड वेटलैंड्स डे है। वेटलैंड साइट यानी वह जगह जहां दलदली मिट्टी जैसी जमीन पर साल-भर पानी जमा रहता है। हमारी धरती के अस्तित्व के लिए वेटलैंड्स बहुत ज़रूरी हैं, क्योंकि इन पर कई सारे पक्षी, जीव-जंतु निर्भर करते हैं। रामसर स्थल ऐसे वैटलैंड्स होते हैं जो अंतरराष्ट्रीय महत्व के हैं। रामसर स्थल में 20,000 या उससे अधिक जल पक्षी होने चाहिए। हमारे देश में अब रामसर स्थल की कुल संख्या 75 हो गई है, जबकि 2014 के पहले यह केवल 26 थे।
कश्मीर के कई युवा आगे चलकर टीम इंडिया के तौर पर खेलेंगे
मोदी ने कहा, कश्मीर में बर्फ से ढके पहाड़, प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ और भी बहुत कुछ देखने-जानने के लिए हैं। जैसे कश्मीर के सय्यदाबाद में शीतकालीन खेल हुए। इन खेलों की थीम स्नो क्रिकेट थी। कश्मीरी युवा बर्फ के बीच क्रिकेट को और भी अद्भुत बना देते हैं। इसके जरिये कश्मीर में ऐसे युवा खिलाड़ियों की तलाश भी होती है जो आगे चलकर टीम इंडिया के तौर पर खेलेंगे। कश्मीर के युवाओं में खेलों को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। आने वाले समय में इनमें से कई युवा देश के लिए मेडल जीतेंगे, तिरंगा लहराएंगे।