कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पाकिस्तान की तरफ से आए बुलावे को लेकर कहा है कि मनमोहन सिंह कभी भी पड़ोसी देश की सरकार के निमंत्रण पर पाकिस्तान नहीं जाएंगे। हालांकि कांग्रेस के प्रवक्ता प्रणव झा ने कहा कि मनमोहन सिंह एक श्रद्धालु के तौर पर पहले जत्थे का हिस्सा होंगे जो भारतीय श्रद्धालुओं के साथ करतारपुर गुरुद्वारा के दर्शन के लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री को उद्घाटन समारोह में भाग लेने जाना होता तो, निमंत्रण भारत सरकार की तरफ से आना होगा ना कि पाकिस्तान की तरफ से। झा ने आगे कहा कि याद रखिए, मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के रूप में अपने 10 साल के कार्यकाल में एक बार भी पाकिस्तान नहीं गए।
इसस पहले, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि नौ नवंबर को होने वाले करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक आम आदमी की तरह आने पर उनका स्वागत है।
मनमोहन सिंह ने पहले ही कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के इस्लामाबाद के निवेदन को ठुकरा दिया था। पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया ने कुरैशी के बयान के हवाले से बताया कि मनमोहन सिंह का एक आम श्रद्धालु के तौर पर आने पर स्वागत किया जाएगा।
कुरैशी ने कहा था कि सभी व्यवस्थाएं पूरी की जा चुकी है और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान नौ नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे।
यह कॉरिडोर भारत के पंजाब में स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारा को पाकिस्तान के करतारपुर से जोड़ेगा। करतारपुर में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपने जीवन के आखिरी दिन गुजारे थे। इसी बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ नवंबर को भारत के हिस्से का उद्घाटन करने की उम्मीद है।