पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक बार फिर पढ़ाते हुए दिख सकते हैं। उन्होंने तकरीबन 50 साल पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में अंतिम लेक्चर दिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वे उसी विश्वविद्यालय में दोबारा पढ़ाने वाले हैं। विश्वविद्यालय ने उन्हें जवाहर लाल नेहरू पीठ में प्रोफसरशिप का प्रस्ताव दिया था, जिसें उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर ने बताया, ''पूर्व प्रधानमंत्री दोबारा विश्वविद्यालय में लौटने का मौका पाकर बहुत खुश हैं।" उन्होंने बताया कि वे चंडीगढ़ आकर एक लेक्चर देंगे और बाकी लेक्चर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए देंगे। उल्लेखनीय है कि मनमोहन सिंह ने 1954 में पंजाब विश्वविद्यालय से इकॉनोमिक्स में मास्टर्स किया और वहीं पर 1957 में लेक्चरर बन गए।
1966 में उन्होंने विश्वविद्यालय छोड़ दिया और संयुक्त राष्ट्र सचिवालय में बतौर इकॉनोमिक अफेयर्स ऑफिसर नियुक्त हुए। पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर ने बताया कि विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी आरपी बम्बाह पूर्व प्रधानमंत्री को बतौर प्रोफेसर विश्वविद्यालय में बुलाने का मुद्दा पहली बार उठाया था। उन्होंने कहा कि मनमोहन ने उस समय कहा था कि वह प्रस्ताव पर विचार करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पंजाब विश्वविद्यालय में मनमोहन सिंह के नाम पर भी एक पीठ है, जिसकी जिम्मेदारी हाल ही में प्रोफेसर योगेंद्र कुमार अलघ को दी गई है।