देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में कुछ अजीब कारणों से खुद को मजबूती से पेश न करने का फैसला किया। यह कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी का।
सोमवार को एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ' मेरी निजी तौर पर मानता हूं कि मनमोहन सिंह किसी भी तरह से कमजोर प्रधानमंत्री नहीं थे। वहीं उन्होंने आगे कहा कि अगर मनमोहन सिंह कमजोर प्रधानमंत्री होते तो असैन्य परमाणु करार की दिशा में आगे नहीं बढ़े होते।
मोदी का व्यवहार प्रधानमंत्री जैसा नहीं
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने पीएम मोदी के श्मशान व कब्रिस्तान वाले बयान पर कहा कि उनका व्यवहार प्रधानमंत्री जैसा नहीं है। तिवारी ने कहा कि हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।
मनीष तिवारी ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव प्रचार करना और पीएम बनने के बाद बयान देने में बहुत अंतर होता है, बतौर पीएम जिम्मेदारी के साथ बयान देने चाहिए।