वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में हुई अनियमितताओं के मामले में संसदीय समिति ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके कार्यालय को दोषी नहीं माना है। मनमोहन को क्लीन चिट देते हुए संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने उन सभी चर्चाओं का खंडन किया है, जिसमें मनमोहन को दोषी करार दिए जाने की बात है। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन पर समिति अपनी रिपोर्ट बुधवार 12 अप्रैल को लोकसभा में पेश करेगी।
संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष केवी थॉमस ने कहा है कि कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन पर समिति अपनी रिपोर्ट 12 अप्रैल को लोकसभा में पेश करेगी। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय के बारे में कुछ भी नहीं है।
तमाम अध्ययन के बाद समिति इस फैसले पर पहुंची है कि मनमोहन सिंह और उनके कार्यालय ने राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में कुछ भी गलत नहीं किया है। अपने कार्यकाल में लोक लेखा समिति के जरिए किए उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी देते हुए थॉमस ने कहा कि समिति के अध्यक्ष पद पर उनका कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने समिति को प्रभावी बनाने का प्रयास किया है। थॉमस के अनुसार लोक लेखा समिति की सिफारिशों को मानने के लिए सरकार बाध्य है। बतौर अध्यक्ष उनके कार्यकाल में समिति ने विभिन्न मामलों पर 73 रिपोर्ट दी हैं।
अब थॉमस के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे लोक लेखा समिति के अध्यक्ष बनेंगे। परंपरा के अनुसार लोक लेखा समिति का अध्यक्ष पद विपक्षी पार्टी को दिया जाता है। पहले भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी लगातार चार बार इस समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। बीते तीन बार से थॉमस इस समिति के अध्यक्ष हैं।