गुजरात चुनावों में अपने एक बयान से भाजपा के पक्ष में पूरी बाजी पलटने वाले कांग्रेस के निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर ने शायद अपनी पुरानी बातों से सीख लेनी शुरू कर दी है। अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर अय्यर शायद समझ गए हैं कि उनका बोलना अब उनकी पूर्व पार्टी के साथ उन पर भी भारी पड़ता जा रहा है ऐसे में उन्होंने खुद को कैमरे से दूर रखना भी शुरू कर दिया है।
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इसकी बानगी उस समय भी दिखी जब शुक्रवार को एक रिपोर्टर ने उनसे गुजरात परिणामों पर सवाल पूछना चाहा, चौकन्ने अय्यर ने इस पर कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया। यहां तक की कैमरा देखकर मुंह भी फेर लिया। रिपोर्टर ने जब उन्हें और कुरेदने का प्रयास किया तो अय्यर बिल्कुल चुप्पी साधकर बैठ गए और एक शब्द भी नहीं बोला। इसके बाद भी वह लगातार चुप ही रहे।
बता दें कि गुजरात चुनावों में दूसरे चरण से पहले मणिशंकर अय्यर के एक बयान ने बैकफुट पर जा रही भाजपा को तुरंत फ्रंटफुट पर ला दिया था। अय्यर के खुद पर दिए 'नीच' वाले बयान को प्रधानमंत्री मोदी ने भुनाते हुए पूरी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया था।
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मोदी ने इस बयान को दूसरे चरण के दौरान लगातार मुद्दा बनाए रखा और इसे गुजराती अस्मिता से जोड़ते हुए लोगों से कांग्रेस के खिलाफ वोट देने की अपील की। मोदी का यह दांव काम कर गया और दूसरे चरण में भाजपा के पक्ष में जमकर वोटिंग हुई। राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि अय्यर का यह बयान उस कांग्रेस पर भारी पड़ गया जो गुजरात में भाजपा से बढ़त लेती दिख रही थी।