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सीजेपी के नाम से बनी एक और पार्टी: मनीष ब्रह्मभट्ट ने लॉन्च की कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक; जानिए मकसद?

Thu, 03 Sep 2026 01:39 PM IST
शिवम गर्ग एएनआई, नई दिल्ली।

सार

मनीष ब्रह्मभट्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक; नाम से नया राजनीतिक मंच लॉन्च किया और इसे पारदर्शी व लोकतांत्रिक तरीके से चलाने की बात कही। उन्होंने केजरीवाल की टीम न बनाने की अपील की। 
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मनीष ब्रह्मभट्ट, कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक के संस्थापक - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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मनीष ब्रह्मभट्ट ने गुरुवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक' नाम से नए राजनीतिक मंच के गठन का एलान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से ऐसी राष्ट्रीय टीम बनाने की अपील की, जो पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से काम करे। ब्रह्मभट्ट ने खास तौर पर कहा कि इस मंच को किसी एक नेता या व्यक्ति की टीम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों को इस पहल से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और मिस्ड कॉल समेत कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं।

क्या होगा नए राजनीतिक मंच का फोकस?

ब्रह्मभट्ट के मुताबिक, नए संगठन का मुख्य जोर पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा। उनका कहना है कि संगठन के महत्वपूर्ण फैसले सदस्यों की राय लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखते हैं और मानते हैं कि जवाबदेही केवल सरकार की नहीं, बल्कि राजनीतिक टीम की भी होनी चाहिए, वे इस पहल से जुड़ सकते हैं।

'देश की टीम बनाइए, केजरीवाल की नहीं'

नए मंच की शुरुआत की वजह बताते हुए ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उन्होंने पहले भी संबंधित लोगों से आग्रह किया था कि इसे किसी व्यक्ति या राजनीतिक हित तक सीमित न किया जाए। उन्होंने दावा किया कि यह देश का आंदोलन है और इसे लोकतांत्रिक तरीके से देश की टीम के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य इस पहल को 'केजरीवाल की टीम' बनाने के बजाय ऐसी राष्ट्रीय टीम तैयार करना है, जिसमें फैसले लोकतांत्रिक तरीके से लिए जाएं।

स्वयंसेवकों से सलाह न लेने का लगाया आरोप

ब्रह्मभट्ट ने एक अन्य टीम के गठन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान स्वयंसेवकों से पर्याप्त सलाह नहीं ली गई और कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने दिल्ली में हुई एक स्वयंसेवक बैठक का जिक्र करते हुए दावा किया कि बैठक में शामिल लोगों के मोबाइल फोन ले लिए गए थे। उनके अनुसार, इसके पीछे बैठक की कार्यवाही रिकॉर्ड होने से रोकने की बात कही गई थी। ब्रह्मभट्ट ने कहा कि अगर कोई आंदोलन राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव और पारदर्शिता की बात करता है, तो ऐसी प्रक्रिया उसके घोषित सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हो सकती।

'किसी एक पार्टी को हराना ही हमारा एजेंडा नहीं'

ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उनके समूह का उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनका मंच भ्रष्टाचार और उस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाएगा, जिसे उन्होंने ‘गटर सिस्टम’ बताया। उन्होंने कहा कि चाहे सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल हो या कोई भी राज्य सरकार, संगठन भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाएगा और लोगों की आवाज उठाने का प्रयास करेगा।

लोकतांत्रिक तरीके से चुनी जाएगी राष्ट्रीय टीम

नए संगठन के संस्थापक ने कहा कि इसकी राष्ट्रीय टीम का गठन भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संगठन के हर फैसले में पारदर्शिता रखी जाएगी और सदस्यों की राय को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों और स्वयंसेवकों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सऐप और मिस्ड कॉल सुविधा के जरिए संगठन से जुड़ने की अपील की।

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