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'अब तक 3.5 करोड़ लखपति दीदियां बनी': शिवराज सिंह चौहान ने सुनी महिलाओं की समस्याएं, बताया सरकार का लक्ष्य

Thu, 03 Sep 2026 01:35 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में ‘लखपति दीदियों’ के साथ वृक्षारोपण किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 3.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसके साथ ही बैंक लोन में आ रही दिक्कतों को दूर करने का भरोसा दिया। 
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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मुंबई में 'लखपति दीदियों' के साथ वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया। बैंकरों के साथ अपनी बैठक से पहले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं के साथ बातचीत की।

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केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा? 
चौहान ने कहा, ‘आजमैंने मुंबई में 'लखपति दीदियों' के साथ मिलकर पेड़ लगाए। हमारे प्रधानमंत्री ने छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का संकल्प लिया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब तक लगभग 3.5 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। हम छह करोड़ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।'

महिलाओं को बैंक लोन लेने में क्यों मुश्किलें आती हैं? 
इसके साथ ही मंत्री ने माना कि कई औपचारिकताओं और लोन मिलने में होने वाली देरी के कारण महिलाओं को अक्सर बैंक लोन लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'बैंकर्स के साथ बैठक से पहले, आज मुंबई में एक बैठक तय की गई है; हमने तय किया कि सबसे पहले उन महिलाओं से बात की जाए जो स्वयं-सहायता समूहों (Self-Help Groups) में काम कर रही हैं। लखपति दीदी बनने के लिए अलग-अलग तरह के कारोबार शुरू कर रही हैं। हम उनकी मुश्किलों और चुनौतियों को समझना चाहते हैं।' 

कितनी महिलाएं इससे जुड़ी? 

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इस बातचीत के दौरान, असम, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड से 100 से ज्यादा  'लखपति दीदियां' वर्चुअली जुड़ीं। सीएसपी सेंटर चलाने वाली एक लाभार्थी ने बताया कि उन्हें चार बार व्यक्तिगत लोन मिला है, लेकिन दूसरी महिलाओं को नहीं मिला, और कुछ बैंक शाखाएं एक से ज्यादा आवेदन लेने से मना कर रही हैं।

इस पर चौहान ने कहा, 'हम बैंक से पूछेंगे कि वे एक से ज्यादा आवेदन क्यों ले रहे हैं।' महाराष्ट्र के एक स्वयं-सहायता समूह की सदस्य ने बताया कि वहां की 21.49 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। उनके पास बैंकिंग के लिए डिजिटल दस्तावेज नहीं हैं। साथ ही उनके पतियों का सिबिल स्कोर खराब होने की वजह से महिलाओं को लोन नहीं मिल पा रहा है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह बैंक अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बात करेंगे। चौहान ने कहा, 'हमारी कोशिश है कि 'दीदियों' के काम शुरू करने में जो भी रुकावटें आ रही हैं। हम उन्हें ठीक से दूर कर सकें। हम जल्द ही एक हेल्पलाइन शुरू करेंगे।' 

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