केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार हिंसा प्रभावित मणिपुर में व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। रिजिजू ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बातचीत का आह्वान करते हुए कहा, दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। कई लोगों की जान चली गई है और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। चाहे मैतेई हों या कुकी, दोनों एक ही राज्य से हैं और उन्हें एक साथ रहने की जरूरत है।
अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले मंत्री रिजिजू ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे पूर्वोत्तर में तेजी से विकास हो रहा है। हिंसा को इसमें सेंध लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस तरह की घटनाएं लोगों के भविष्य को प्रभावित करती हैं और युवाओं एवं महिलाओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा, सुंदर पूर्वोत्तर के विकास को आगे ले जाने के लिए शांति की आवश्यकता है। समाज तभी प्रगति कर सकता है जब शांति हो। उन्होंने लोगों से गृह मंत्रालय द्वारा आदेशित बलों की तैनाती का समर्थन करने का आग्रह किया।
मेघालय के सीएम संगमा ने अधिकारियों के साथ की बैठक
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने ट्वीट किया, मणिपुर में मेघालय से छात्रों को निकालने की प्रक्रिया की स्थिति की जांच के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। टीम यह सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे काम कर रही है कि राज्य के हमारे छात्र सुरक्षित घर वापस आ जाएं।
हिंसाग्रस्त मणिपुर में फंसे त्रिपुरा के सभी छात्रों को जल्द वापस लाएंगे : मुख्यमंत्री साहा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उन सभी छात्रों के माता-पिता/अभिभावकों के साथ एक कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जो अभी भी मणिपुर में फंसे हुए हैं। सीएम ने अभिभावकों से बातचीत की और उन्हें मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह से फोन पर बातचीत कराई। त्रिपुरा मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि मणिपुर में पढ़ रहे त्रिपुरा के छात्रों की मदद करने के प्रयासों को जारी रखते हुए त्रिपुरा के छात्रों से बातचीत करने और उन्हें वापस लाने के लिए त्रिपुरा सरकार द्वारा मणिपुर में एक विशेष टीम भेजी गई है। उन्हें जल्द से जल्द विमान से वापस लाने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
माणिक साहा ने घोषणा की कि हिंसाग्रस्त मणिपुर में फंसे राज्य के सभी छात्रों को यथाशीघ्र विशेष विमानों के जरिये वापस लाया जाएगा। पड़ोसी राज्य में फंसे छात्रों के माता-पिता के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। उल्लेखनीय है कि यह बैठक राज्य के मुख्य सचिव जेके सिन्हा और पुलिस महानिदेशक अमिताभ रंजन की उपस्थिति में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुई। साहा ने मणिपुर के मौजूदा हालात की जानकारी प्राप्त करने के लिए वहां के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से भी बात की।
बता दें, त्रिपुरा के करीब 200 छात्र मणिपुर स्थित क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं और मणिपुर में बुधवार को भड़की हिंसा के कारण फंस गए हैं।
नगालैंड के डिप्टी सीएम ने अस्पताल का किया दौरा
नगालैंड के उप मुख्यमंत्री वाई पैटोन ने मणिपुर से लाए गए घायल व्यक्तियों से मिलने के लिए कोहिमा के एक निजी अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इंफाल में नगाओं का विशेष ध्यान रख रही है और उन्हें लाने का प्रयास कर रही है। इस अस्पताल में मणिपुर के कांगपोक्पी जिले के आठ घायलों का इलाज चल रहा है।
मणिपुर में फंसे नगालैंड के लोगों को लाने के लिए 22 बसें लगाई गईं
नगालैंड सरकार ने हिंसा प्रभावित मणिपुर में फंसे राज्य के करीब 600 लोगों को वापस लाने के लिए 22 बसें लगाई हैं। एक मंत्री ने शनिवार को यह जानकारी दी। पत्रकारों से कोहिमा में बातचीत को दौरान उपमुख्यमंत्री वाई पैटोन ने कहा कि राज्य सरकार हिंसा प्रभावित मणिपुर में पढ़ाई कर रहे और काम कर रहे राज्य के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
पैटोन ने कहा, हम मणिपुर से नगालैंड के लोगों को सुरक्षित लाने के अभियान पर काम कर रहे हैं। सरकार विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे और वहां नौकरी करने वाले नगा लोगों का विशेष ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा, अभी तक राज्य सरकार ने नगालैंड सशस्त्र पुलिस भारतीय रिजर्व बटालियन की दो पलटन के साथ 22 बसों को रवाना किया है, ताकि हिंसा प्रभावित मणिपुर से लोगों को वापस लाया जा सके। उन्होंने कहा कि दिन में कुछ बसें इंफाल पहुंचीं और पहला जत्था आज रात या रविवार तक यहां आ सकता है। राज्य सरकार ने नगालैंड के लोगों को वापस लाने वाली बसों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए असम राइफल्स का भी समर्थन मांगा है।