भारतीय सेना ने सभी वर्गों से राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में सेना के प्रयासों का समर्थन करने की अपील की है। सेना ने कहा, आप हमारी मदद कीजिए, मणिपुर की मदद होगी।
हिंसाग्रस्त मणिपुर में सेना को अब नई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब महिला कार्यकर्ताओं का समूह जानबूझ कर रास्ते रोक कर सेना के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। सेना ने सोमवार देर रात इसकी जानकारी दी।
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स्पीयरकॉर्प्स इंडियन आर्मी ने सोमवार देर रात ट्वीट करके जानकारी दी कि मणिपुर में महिला कार्यकर्ता जानबूझकर मार्गों को अवरुद्ध कर रही हैं। सुरक्षा बलों के संचालन में हस्तक्षेप कर रही हैं। इस तरह का अनुचित हस्तक्षेप जीवन और संपत्ति को बचाने के लिए गंभीर परिस्थितियों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा समय पर की जाने वाली प्रतिक्रिया के लिए हानिकारक है। इससे बड़ा नुकसान हो सकता है।
भारतीय सेना ने सभी वर्गों से राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में सेना के प्रयासों का समर्थन करने की अपील की है। सेना ने कहा, आप हमारी मदद कीजिए, मणिपुर की मदद होगी।
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मणिपुर की राज्यपाल ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
इधर, मणिपुर हिंसा के बीच राज्यपाल अनसुइया अनुसुइया उइके ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मणिपुर में पिछले महीने से जातीय हिंसा हो रही है। जिसमें लगभग 120 लोगों की मौत हो गई है और 3,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मैतेई समुदाय के लोगों ने पुणे में किया विरोध प्रदर्शन, पीएम से हस्तक्षेप की मांग
वहीं, मैतेई समुदाय के लोगों ने अपने गृह राज्य मणिपुर में हिंसा को तत्काल रोकने की मांग को लेकर सोमवार को महाराष्ट्र के पुणे में कलेक्टर कार्यालय के पास धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि मणिपुर में पिछले 50 दिनों से हिंसा जारी है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप हैं। हर दिन भारी गोलीबारी की खबरें आ रही हैं, जिसके कारण लोग युद्ध जैसी स्थिति में रहने को मजबूर हैं। इसलिए शांति की बहाली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए। साथ ही केंद्र और मणिपुर सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई है।