फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manipur: महिलाओं के साथ हैवानियत से पहले एक हजार लोगों ने गांव में मचाया था उत्पात, एफआईआर में खुलासा

Sat, 22 Jul 2023 07:26 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

एफआईआर के मुताबिक भीड़ उन पांच लोगों को भी छुड़ाकर ले गई जिन्हें पुलिस ने पास के जंगल से बचाया था। मणिपुर पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। 
विज्ञापन
हिंसा के विरोध में लोगों का प्रदर्शन - फोटो : Agency
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मणिपुर में आधुनिक हथियारों से लैस भीड़ का दो महिलाओं से बर्बरता और उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो वायरल होने से देशभर में आक्रोश और गुस्सा है। सैकुल थाने में 21 जून को इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक बर्बरता से पहले लगभग 1000 लोगों की भीड़ ने कांगपोकपी जिले के गांव में जमकर उत्पात मचाया था। इन लोगों ने गांव पर हमला किया, लोगों की अचल संपत्ति लूटी, उनके घरों को आग लगाई। महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया और दो महिलाओं का अपहरण कर हैवानियत के बाद उन्हें बिना कपड़ों के घुमाया।

विज्ञापन


हथियारधारी भीड़ ने वीडियो में दिख रही दो में से एक महिला को बचाने आए उसके भाई की हत्या भी की थी। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस छापेमारी और गिरफ्तारी कर रही है। सैकुल थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक यह घटना 3 मई को भड़की जातीय हिंसा के अगले दिन हुई। चार मई को दोपहर तीन बजे के करीब लगभग 900-1000 लोग एके-47 राइफल, एसएलआर, इंसास और .303 राइफल जैसे अत्याधुनिक हथियार लेकर जबरदस्ती कांगपोकपी जिले में सैकुल पुलिस स्टेशन से लगभग 68 किमी दक्षिण में एक गांव में घुस गए। हिंसक भीड़ ने सभी घरों में तोड़फोड़ की और घरों से नकदी, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खाद्यान्न, फर्नीचर और मवेशी लूट ले गए। इसके बाद इन लोगों ने घरों को आग लगा दी।

एफआईआर के मुताबिक भीड़ उन पांच लोगों को भी छुड़ाकर ले गई जिन्हें पुलिस ने पास के जंगल से बचाया था। मणिपुर पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार रात पेची अवांग में गिरफ्तार किए गए चार में से एक आरोपी के घर को महिलाओं ने आग लगा दी।
विज्ञापन


बीते तीन महीनों में तीन बार मणिपुर के अधिकारियों को लिखा पत्र, नहीं मिला कोई जवाब...
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर तीन महीनों में तीन बार वहां के अधिकारियों को नोटिस भेजा गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया। शर्मा ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि आयोग को मणिपुर में 4 मई को दो महिलाओं को निवस्त्र घुमाने की घटना के बारे में 12 जून को शिकायत मिली थी। कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद मामले का स्वतःसंज्ञान लिया। 

म्यांमार सीमा पर मैतेई समुदाय के 3 घरों में आग लगाई
हिंसाग्रस्त मणिपुर में म्यामांर सीमा के पास मोरेह में ताजा हिंसा के बाद तनाव बढ़ गया है। यहां पर शुक्रवार को भीड़ ने मैतेई समुदाय के तीन खाली घरों को आग लगी दी । इसे प्रतिशोध के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अज्ञात उपद्रवियों ने मोरे शहर में पलायन कर चुके मैतेई लोगों के तीन घरों को आग के हवाले किया। मोरे शहर म्यांमार के नामफालोंग बाजार के साथ अपनी सीमा साझा करता है। ये घटनाएं दोपहर एक बजे से रात आठ बजे की बीच हुईं।

असम के सीएम ने मणिपुर के वीडियो जारी करने के समय पर उठाए सवाल
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मणिपुर के सनसनीखेज वीडियो के सामने आने की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले ये वीडियो लीक किया गया है जिससे साफ होता है कि इसके पीछे राजनीति है। यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरमा ने दावा किया, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ विपक्षी शासित राज्यों में दुष्कर्म की घटनाएं भाजपा शासित मणिपुर या अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की तुलना में बहुत अधिक हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें