पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। चिदंबरम ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने हिंसा प्रभावित मणिपुर के मामले में संवैधानिक जिम्मेदारी का इंजन बंद करके चाबी फेंक दी है। मणिपुर हिंसा मामले में विपक्ष केंद्र सरकार पर राज्य सरकार के खिलाफ कार्रवाई ना करने का आरोप लगा रहा है। चिदंबरम की यह टिप्पणी मणिपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि मणिपुर में कानून व्यवस्था और संवैधानिक मशीनरी पूरी तरह से तबाह है।
केंद्र पर साधा निशाना
पी.चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मणिपुर सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को दिल्ली में पीएमओ और इंफाल में सीएमओ तक पहुंचने में कितना समय लगेगा? अगर मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह में कोई भी संवैधानिक नैतिकता है तो उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए। जो राजधर्म निभाते हैं, वही राजधर्म पर भाषण दे सकते हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि राज्य पुलिस बेहद धीमी गति से मामलों की जांच कर रही है खासकर महिलाओं के खिलाफ अपराध की जांच बहुत धीमी है। कोर्ट ने मणिपुर डीजीपी को समन जारी कर 7 अगस्त तक जवाब मांगा है।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
चिदंबरम ने कहा कि 'केंद्र सरकार ने संवैधानिक जिम्मेदारी (अनुच्छेद 355 और 356) का इंजन बंद करके चाबी फेंक दी है।' बता दें कि अनुच्छेद 355 के तहत बाहरी आक्रमण और आंतरिक गड़बड़ी की स्थिति में राज्य की सुरक्षा के लिए कदम उठा सकती है। वहीं अनुच्छेद 356 के तहत राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। विपक्ष मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहा है। मणिपुर में बीती 3 मई से जातीय हिंसा जारी है, जिसमें अभी तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।