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मणिपुर: असम राइफल्स के काफिले पर हमले करने वाले दो उग्रवादी गिरफ्तार, एक गुवाहाटी से दबोचा गया

Sat, 27 Sep 2025 09:33 AM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर में 19 सितंबर को असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले में शामिल प्रतिबंधित संगठन पीएलए (पीएलए) के दो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है। हमले में असम राइफल्स के दो जवान बलिदान और पांच अन्य घायल हुए थे।
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मणिपुर में हमले के बाद असम राइफल्स के जवान और वाहन - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुरक्षा बलों ने मणिपुर में 19 सितंबर को असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले में कथित संलिप्तता के आरोप में एक प्रतिबंधित संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान बलिदान हो गए थे। गिरफ्तार किए गए एक उग्रवादी को गुवाहाटी से गिरफ्तार किया गया है।

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पुलिस के एक बयान में कहा गया है, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। ये  19 सितंबर को बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल सबल लेईकाई में 33 असम राइफल्स पर हुए हमले में मुख्य रूप से शामिल थे। गिरफ्तार किए गए आतंकियों में से एक को असम की राजधानी गुवाहाटी से पकड़ा गया, जबकि दूसरे की गिरफ्तारी का स्थान पुलिस ने उजागर नहीं किया।

19 सितंबर को अर्धसैनिक बलों के एक वाहन पर हथियारबंद लोगों के एक समूह द्वारा घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान बलिदान हो गए और पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान थोंग्राम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पुरकपा (18) और स्वयंभू लेफ्टिनेंट कॉर्पल चोंगथम महेश उर्फ मोमो (51) के रूप में हुई है।
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पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चोंगथम की पहचान प्रतिबंधित संगठन पीएलए के एक बहुत वरिष्ठ कैडर के रूप में हुई है, जो 1990 से इस संगठन से जुड़ा हुआ है। उसे गुवाहाटी स्थित क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन की सहायता से गुवाहाटी से गिरफ्तार किया गया है। 

ये गिरफ्तारियां सुरक्षा बलों द्वारा इंफाल पश्चिम जिले के कामेंग से घात लगाकर किए गए हमले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के कुछ दिनों बाद हुई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीएलए की गतिविधियां मुख्य रूप से पड़ोसी म्यांमार से संचालित होती हैं, जहां इसके शिविर और अड्डे स्थित हैं।

दो साल पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद से सुरक्षा बल मणिपुर में तलाशी अभियान चला रहे हैं। मई 2023 से मैतेई और कुकी समूहों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

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