मणिपुर पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ से कथित तौर पर भर्ती की गई दो लड़कियों को बचाया है। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया, कि नाबालिगों को 8 मार्च को काकचिंग जिले के काकचिंग बाजार और थौबल जिले के वांगबल लाइकोन इलाके से बचाया गया। उसी दिन, पुलिस ने काकचिंग बाजार से पीएलए के दो कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के बयान में कहा गया कि वे लड़कियों को प्रतिबंधित संगठन में भर्ती करने में शामिल थे।
कहां से बचाई गई लड़कियां?
काकचिंग बाजार (काकचिंग जिला) और वांगबल लाइकों (थौबल जिला) से 8 मार्च को बचाया गया। उसी दिन काकचिंग बाजार से दो पीएलए उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया, जो इन लड़कियों की भर्ती में शामिल थे। बता दें कि, गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान मोइरांगथेम रोमें सिंह और नोंगमाइथेम मोहेंद्रो सिंह के रूप में हुई है।
अन्य गिरफ्तारियां और हथियार बरामदगी
इंफाल पश्चिम जिले के हाओबम मराक क्षेत्र से केसीपी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) के दो उग्रवादी गिरफ्तार किए गए हैं। इस दौरान उनके पास से चार ग्रेनेड जब्त किए गए हैं। इंफाल पूर्व जिले के केइराओ वांगखेम क्षेत्र से यूपीपीके संगठन का एक उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान निंगोम्बम बॉनबोन सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वो सरकारी अधिकारियों, निजी कंपनियों और आम लोगों से उगाही में शामिल था, उसके पास से .32 पिस्टल, मैगजीन और 8 कारतूस बरामद किए गए हैं।
असम राइफल्स ने उग्रवादी शिविर को किया नष्ट
एक अहम कार्रवाई में असम राइफल्स और सेना ने मिलकर चुराचांदपुर जिले में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) का अस्थायी शिविर नष्ट किया है। जानकारी के मुताबिक, चार झोपड़ियों वाला यह शिविर सोंगफू गांव के जंगल में मिला था और आठ मार्च को नष्ट कर दिया गया है। यूकेएनए केंद्र सरकार के ऑपरेशन सस्पेंशन समझौते का हिस्सा नहीं है।